बदायूं। ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं की प्रतिभा निखारने के लिए प्रदेश के कई जनपदों में स्टेडियम बनाए जाने की बात कही गई थी। इसके तहत बदायूं जनपद में बगरैन का चुनाव किया गया था। यहां पर मिनी स्टेडियम बनना था। जिला युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल विभाग ने राजस्व विभाग की टीम के साथ मिलकर स्टेडियम के लिए जमीन का चयन किया। करीब दो माह पहले इसका प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। करीब पौने दो एकड़ में यह स्टेडियम बनाया जाना था, लेकिन यह स्टेडियम प्रस्ताव भेजने तक ही सिमटकर गया है। दो साल पहले आसफपुर और दहगवां में स्टेडियम बनाने को भेजा गया प्रस्ताव भी अब तक फाइलों में दबा है।
केंद्र से लेकर प्रदेश सरकार द्वारा युवाओं को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं संचालित की जा रही हैं। ताकि युवा ग्रामीण अंचल से निकलकर जनपद, मंडल, प्रदेश व देश में अपना नाम रोशन कर सकें। इसके तहत राजीव गांधी खेल अभियान चलाया जा रहा था। वर्ष 2017 में केंद्र सरकार ने इस योजना का नाम बदलकर खेलो इंडिया रख दिया। इस योजना के तहत प्रदेश भर के जनपदों में स्टेडियम और मिनी स्टेडियम बनाने शुरू हुए। बदायूं जनपद से भी प्रस्ताव मांगे गए। जिला युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल विभाग ने जनपद में स्टेडियम बनाए जाने के लिए जगह की तलाश शुरू कर दी। आसफपुर और दहगवां में जमीन मिलने के बाद में इनका प्रस्ताव बनाकर विभाग ने जिला प्रशासन के माध्यम से शासन को भेज दिया, लेकिन प्रस्ताव भेजे दो साल से ज्यादा हो चुके हैं, लेकिन आज तक स्टेडियम बनाने की प्रस्ताव से आगे नहीं बढ़ पाई। संवाद
आसफपुर में छह और दहगवां में मिली थी आठ एकड़ जमीन
शासन की ओर से जब स्टेडियम बनवाने के लिए प्रस्ताव मांगे गए थे तो जनपद से आसफपुर और दहगवां में स्टेडियम बनाने के लिए मानक के अनुसार पूरी जगह मिल गई, जिसके बाद में 2018 में शासन को इनको बनाए जाने के लिए प्रस्ताव भेज गया। विभाग के मुताबिक आसफपुर में छह और दहगवां में आठ एकड़ जगह मिल गई थी, लेकिन स्टेडियम यहां आज तक नहीं बन सका।
दातागंज में नहीं मिल पाई स्टेडियम बनाने को जमीन
विभाग द्वारा दातागंज में भी स्टेडियम बनाने के लिए जगह तलाशी जा रही है, लेकिन अभी तक वहां पर जगह विभाग को नहीं मिल सकी है। हालांकि विभागीय अधिकारी राजस्व विभाग की मदद जमीन तलाशने में ले रहे है। उम्मीद है कि जल्द ही यहां पर विभाग को जगह मिल जाएगी। जिसके बाद में यहां पर स्टेडियम बनाए जाने के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जाएगा।
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स्टेडियम में हैं केवल दो कोच
-जिले के ग्रामीण इलाकों में जहां स्टेडियम बनाने की योजना अभी केवल फाइलों में ही चल रही है वहीं जिला मुख्यालय पर स्थित स्पोर्ट्स स्टेडियम के हालात भी कुछ अच्छे नहीं हैं। लगभग बदहाल पड़े स्टेडियम में मात्र दो कोच ही तैनात है, जिसमें एक एथलेटिक्स में देशकांत त्यागी है तो वहीं दूसरी टेनिस में अमित हैं। इसके अलावा अन्य किसी भी खेल का यहां पर कोई कोच तैनात नहीं है। अभी स्टेडियम में क्रिकेट के करीब 20 युवाओं का रजिस्ट्रेशन है, जबकि एथलेटिक्स और टेनिस में 10-10 और फुटबॉल में चार से पांच लोगों का रजिस्ट्रेशन है। यहां भी खिलाड़ियों को कोई ज्यादा लाभ नहीं मिलता।
क्या बोले खिलाड़ी
-शहर में स्टेडियम तो बना दिया गया है, लेकिन यहां पर कोच का अभाव है। यह अभाव शुरू से ही रहा है। इसकी भरपाई नहीं होने की वजह से जनपद के युवा आगे नहीं बढ़ सके हैं। यहां खिलाड़ी बस क्रिकेट में खेल रहे हैं जबकि अन्य खेलों की तरफ रुझान रखने वाले खिलाड़ी मायूस हैं।
-रवि मौर्य
-सरकार को चाहिए कि वह योजना बनाने के बाद में उनका ठीक से क्रियान्वयन भी करवाए, ताकि वह योजनाएं धरातल पर भी उतारी जा सकें और उनका लाभ युवाओं को मिले सके। हालात ये है कि जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में क्रिकेट का कोई कोच तक नहीं है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में स्टेडियम बनाने की बात बेमानी है।
-यादराम मौर्य
आसफपुर और दहगवां में स्टेडियम बनाए जाने है। इसके लिए पूर्व में प्रस्ताव जा चुका है, जबकि बगैरन में मिनी स्टेडियम बनना हैं। इसके लिए लगभग दो माह पहले प्रस्ताव भेजा है। अब शासन से स्वीकृति का इंतजार है। स्वीकृति मिलने के बाद यहां कार्य शुरू कराया जाएगा।
-गोपाल राम, जिला युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी