बदायूं। जैवलिन थ्रो (भाला फेंक) स्पर्द्धा में पहली बार स्वर्ण पदक जीतकर भारत के नीरज चोपड़ा ने इतिहास रच दिया है। यह इस ओलंपिक में भारत का पहला स्वर्ण पदक है। नीरज चोपड़ा के टोक्यो ओलिंपिक में स्वर्ण पदक जीतने के बाद खेल प्रेमियों में खुशी का माहौल है। खिलाड़ी और खेल प्रेमी ओलंपिक में स्वर्ण पदक मिलने से गदगद हैं। अमर उजाला ने खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों से बात की तो उन्होंने अपनी खुशी साझा की।
-
देश के लिए गौरव की बात है। खेलों से मेरा पुराना रिश्ता रहा है। हॉकी और बालीबॉल में ज्यादा रुची रही। सेना में रहते हुए भी कई प्रतियोगिताओं मेें हिस्सा लिया। भारतीय खिलाड़ियों का ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन रहा है। मैं शब्दों में खुशी बयां नहीं कर सकता।
- लेफ्टिनेंट आरपी शर्मा, रिटायर्ड
-
नीरज चोपड़ा ने देश का मान बढ़ाया है। देश में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। जैवलिन थ्रो (भाला फेंक) प्रतियोगिता के बारे में कम लोग ही जानते हैं। मेरा खेलों से काफी लगाव है। वायु सेना में रहते हुए भी खेलों से नजदीकी रही। मुझे लगता है कि खेलों के लिहाज से यह स्वर्णिम समय है।
-सार्जेंट (रिटायर्ड) ब्रजेश मिश्रा, भारतीय वायु सेना
-
खेलों के लिहाज से यह स्वर्णिम समय है। ओलंपिक में हॉकी, मुक्केबाजी समेत कई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन काफी उम्दा रहा है। नीरज ने गोल्ड जीत कर खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों में उत्साह भर दिया है। मुझे लगता है कि नीरज से प्रेरणा लेकर खिलाड़ी आगे बढ़ेंगे।
-डॉ. शरद गुप्ता, बाल रोग विशेषज्ञ
-
देश के लिए यह गौरव की बात है। ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीत कर नीरज ने देश का मान बढ़ाया है। इससे खिलाड़ियों को भी प्रेरणा मिलेगी। आने वाले समय में भारत से ज्यादा खिलाड़ी निकलेंगे। नीरज ने साफ कर दिया है कि अगर मेहनत और लगन से काम किया जाए तो सफलता मिलती है।
-संतोष शर्मा, क्रिकेट कोच
-
नीरज चोपड़ा ने साबित कर दिया है कि अब खेलों के मामले में भी भारत किसी से पीछे रहने वाला नहीं है। एथलेटिक्स में नेशनल स्तर तक मैने भी हिस्सा लिया है। भाला फेंक में यूनिवर्सिटी और नार्थ जोन तक हिस्सा ले चुका हूं। कई मेडल भी जीते हैं। अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए खेलने और मेडल जीतने का सपना है।
-मोहम्मद नक़ी अहमद सैफी, खिलाड़ी
-
टोक्यो ओलंपिक में भारत के प्रदर्शन से काफी खुशी हूं। नीरज चोपड़ा ने स्वर्ण जीत कर देश के खिलाड़ियों के सपनों को पंख लगा दिए हैं। मैने भी प्रदेश स्तरीय कई एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया है। मेरा मानना है कि अगर खिलाड़ियों को सुविधाएं और प्रोत्साहन मिले को भारत में अच्छे खिलाड़ियों की कमी नहीं है। आने वाले समय में भारत का प्रदर्शन और बेहतर होगा।
-अभिलाषा यादव, एथलीट
-
अगर कोई भी काम पूरी लगन के साथ किया जाए तो सफलता निश्चित है। अब तक खेलों में कॉलेज के लिए कई मेडल जीते हैं। नीरज चोपड़ा ने ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीत कर खिलाड़ियों को प्रेरणा दी है। आने वाले समय में देश में ज्यादा खेल प्रतिभाएं निकलेंगी। स्थानीय स्तर पर खिलाड़ियों को सुविधाएं नहीं मिल पातीं। इस कारण भी ज्यादा खेल प्रतिभाएं नहीं निकल रहीं।
-प्रगति शाक्य, एथलीट
-
टोक्यो ओलंपिक में भारतीय खिलाड़ियों ने साबित कर दिया है कि हम किसी से पीछे नहीं। देश के लिए गौरव की बात है कि पहली बार देश को ओलंपिक में गोल्ड मेडल मिला है। बदायूं में भी खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। अगर सुविधाएं और प्रोत्साहन मिले तो बदायूं के खिलाड़ी भी अंतराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए मेडल जीत सकते हैं।
-वैष्णवी गुप्ता, एथलीट