बदायूं। दीपावली की रात पटाखों की गूंज और दीपों की जगमग रोशनी में नहाया जिला अब प्रदूषण की मार झेल रहा है। सोमवार की रात दीपोत्सव के बाद मंगलवार सुबह हवा में धुएं और धूलकणों की परत छाई रही। प्रदूषण नियंत्रण विभाग की रिपोर्ट में जिले का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 165 दर्ज किया गया, जो सामान्य सीमा से दो गुना है। आने वाले दो-तीन दिनों में तेज हवा चलने से वायु की स्थिति में होगा सुधार।
डॉक्टरों के अनुसार, यह स्तर मॉडरेट कैटेगरी में आता है, लेकिन अस्थमा और फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों वाले मरीजों के लिए यह खतरनाक है। मंगलवार को जिला अस्पताल और प्राइवेट डाॅक्टरों के पास सांस लेने में तकलीफ और आंखों में जलन की शिकायत लेकर पहुंचे मरीजों की संख्या अधिक रही।
सीएमएस डॉ. अमित वार्ष्णेय ने बताया कि प्रदूषण से खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि सुबह के समय सैर पर न निकलें और जरूरत पड़ने पर ही बाहर जाएं। वहीं, नगर पालिका ने मंगलवार सुबह से सफाई अभियान चलाया। कचहरी रोड, सिविल लाइन, कोतवाली, स्टेशन इलाकों में पटाखों के अवशेष और राख की सफाई की गई।
वहीं, पर्यावरण प्रेमियों ने ग्रीन दिवाली का संदेश देते हुए अपील की कि लोग अगले वर्ष कम पटाखे जलाएं। मिट्टी के दीयों का प्रयोग बढ़ाएं। प्रदूषण विभाग के अधिकारी ने बताया कि हवा में पीएम 2.5 कणों की मात्रा बढ़ने से एक्यूआई में यह उछाल आया है। आने वाले दो-तीन दिनों में तेज हवा चलने से वायु की स्थिति सुधरने की उम्मीद है।
नवंबर 2020 में रही थी सबसे खराब स्थिति
जानकारों के मुताबिक, वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) नवंबर 2020 में सबसे खराब 253 रहा था। वहीं 2021 में 121, 2022 में 135, 2023 में 106, 2024 में 88 और 2025 अक्तूबर में 165 दर्ज किया गया।