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पहले डिग्री कॉलेज निर्माण में धांधली, अब दुकानों के लिए बेच रहे जमीन

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सरदार बल्लभ भाई पटेल डिग्री कॉलेज की जगह पर लगाया गया बोर्ड। संवाद - फोटो : BADAUN
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बदायूं। सरदार बल्लभ भाई पटेल डिग्री कॉलेज बनवाने के नाम पर हुए चंदे में धांधली का मामला तूल पकड़ गया है। अब जब कॉलेज के सामने की जमीन को दुकानों के लिए जमीन बेचने का बोर्ड लगाया गया है तो कुर्मी महासभा ने लामबंद होकर समाज के ही नेताओं के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोशल मीडिया पर तंज कसे जा रहे हैं तो बचाव में नेता वीडियो वायरल कर सफाई दे रहे हैं।
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दातागंज रेलवे क्रॉसिंग के नजदीक सरदार बल्लभ भाई पटेल डिग्री कॉलेज के नाम से जमीन पड़ी हुई है। कुर्मी महासभा के मुताबिक कई साल पहले समाज के सभ्रांत लोगों ने बच्चों की पढ़ाई को ध्यान में रखते हुए कॉलेज बनवाने का विचार किया था। इस पर समाज के सभी लोगों ने गांवों में जाकर चंदा किया। करीब साढ़े 17 लाख रुपये चंदा होना बताया गया। उसके बाद कॉलेज की जमीन पर निर्माण शुरू कराया गया, लेकिन ये निर्माण पूरा नहीं हो सका। आरोप है कि चंदे में एकत्र किए गए पूरे रुपये भी खर्च नहीं हुए। तब से कॉलेज की आधी अधूरी बिल्डिंग पड़ी हुई है। रकम के बंदरबांट का यह मामला चर्चा में तब आया जब लोगों ने कॉलेज की जगह पर एक बोर्ड लगा देखा। उस पर अध्यक्ष के रूप में भाजपा नेता हरप्रसाद सिंह पटेल, उपाध्यक्ष देवेंद्र सिंह, महामंत्री प्रेमपाल और कोषाध्यक्ष अनेकपाल सिंह नाम लिखे हुए हैं। अनेकपाल सिंह सालारपुर ब्लॉक प्रमुख के पति हैं। इन सभी के मोबाइल नंबर दिए हैं। इसमें लिखा है कि संस्थान के परिसर में दुकान खरीदने के इच्छुक लोग इन नंबरों पर संपर्क कर लें।
जब से लोगों ने ये बोर्ड देखा है, तब से जमीन बेचने का विरोध शुरू हो गया है। तमाम लोगों ने सोशल मीडिया पर निजी तौर पर जमीन बेचने का विरोध करते हुए कार्रवाई की मांग की है। कुछ लोगों का तो यह भी कहना है कि इसमें से आगे के हिस्से में कुछ जमीन दुकान बनाने के लिए बेच दी गई है। जो लोग दुकानें बेच रहे हैं, दो-चार दुकानों की जमीन उनके ही रिश्तेदारों ने खरीदी हैं।
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26 को होगी कुर्मी समाज की बैठक
कॉलेज की जगह पर दुकानों के लिए जमीन बेचने के संबंध में कुर्मी समाज की एक बैठक 26 को आयोजित होने जा रही है। बताया जा रहा है कि ये बैठक कॉलेज की उसी जगह पर होगी। उसमें समाज के तमाम प्रबुद्ध लोग शामिल होंगे।
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कॉलेज की जमीन बेचने के संबंध में मेरा कोई लेना देना नहीं है। बोर्ड पर मेरा नाम गलत लिखवाया गया है। मैं तो मीटिंग तक में शामिल नहीं था। मैं कुर्मी समाज के लिए जिया हूं और आगे जिऊंगा। मैं समाज का रुपया कहां ले जाऊंगा। यही कहूंगा कि कॉलेज की जमीन बेचने में मैं शामिल नहीं हूं। मैं कॉलेज पूरा बनवाने की बात करूंगा।
- हरप्रसाद सिंह पटेल, भाजपा नेता
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कॉलेज के आगे के हिस्से में दुकानें बनवाकर उन्हें किराये पर उठाया जाएगा। उन्हें बेचने की बात सही नहीं है। हरप्रसाद सिंह ये गलत कह रहे हैं कि वह मीटिंग में शामिल नहीं थे। उन्होंने ही इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए हैं। कोई रिकार्ड देखना चाहे तो मैं दिखा दूंगा।
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- अनेकपाल सिंह, कोषाध्यक्ष
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