बदायूं। विधानसभा चुनाव के लिए बदायूं में मतदान हो चुका है। प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में कैद है जिसका फैसला 10 मार्च को होगा। प्रदेश में मौजूदा पार्टी की सरकार बनेगी या कोई दूसरी पार्टी सरकार बनाएगी, यह भी लगभग उसी दिन तय हो पाएगा। दूसरे जिलों में मतदान जारी रहने से लोग अब भी पूरी तरह चुनावी मूड में हैं और सरकार के स्वरूप व गठन को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। ऐसे माहौल में हमने आधी आबादी से बात करके उनका मिजाज जानने की कोशिश की। खासकर मध्यमवर्गीय परिवारों व शैक्षिक पृष्ठभूमि से जुड़ी महिलाओं से संवाद के जरिये नई सरकार से उनकी अपेक्षाओं को लेकर चर्चा की गई। अधिकतर महिलाओं ने कहा कि वे चाहती हैं कि उन्हें सुरक्षा मिले और सम्मान के साथ जीने का हक भी।
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मुझे लगता है कि नई सरकार जो भी आए उसे मुफ्त में दी जा रही योजनाओं को बंद करना चाहिए। यह व्यवस्था लोगों को नाकारा व कामचोर बना रही है। इसके बजाय जरूरतमंदों को नौकरी, व्यवसाय से जोड़ने का काम किया जाए। मध्यम वर्ग के लोगों के लिए टैक्स से वंचित वर्गों के लोगों के नाम पर मुफ्त की योजनाएं चलाकर बंदरबांट की व्यवस्था पूरी तरह रोकी जाए।
- ममता नौगरैया, साहित्यकार
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आने वाली सरकार से हम यही उम्मीद करते हैं कि समाज का वातावरण भयमुक्त, अन्यायमुक्त, अत्याचार मुक्त एवं भ्रष्टाचार मुक्त बनाया जाए। छात्र- छात्राएं अच्छे तरीके से पढ़ाई कर रोजगार प्राप्त कर सकें। जनता के लिए बनने वाली नीतियां जनता को सहजता से सुलभ कराई जा सकें।
- डॉ. शिल्पी शर्मा, असिस्टेंट प्रोफेसर अंग्रेजी
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इस बार भी लगभग सभी पार्टियों के घोषणापत्र में रोजगार, शिक्षा, सड़क तथा किसानों की फसल बीमा व कर्ज माफी जैसे लोक लुभावन दावे हैं। सरकार जो भी बने, इन वादों को पूरा करने का प्रयास ईमानदारी से करे। शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक बदलाव की जरूरत है। व्यावसायिक शिक्षा को प्राथमिकता दी जाए।
- डॉ. शिल्पी तोमर, असिस्टेंट प्रोफेसर समाजशास्त्र
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सरकार ऐसी होनी चाहिए जो युवाओं व महिलाओं के लिए व्याव्यासिक व तकनीकी शिक्षा की व्यवस्था कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए। महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करे, किसानों की समस्याओं का निराकरण हो। पुरानी पेंशन की बहाली और महंगाई पर नियंत्रण हो।
- प्रोफेसर सरला चक्रवर्ती
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महिलाओं को सुरक्षा तो मौजूदा सरकार ने भी बेहतर दी। ऐसा ही माहौल नई सरकार भी बनाए ये पक्का होना चाहिए। महिलाओं को समाज में सम्मान से जीने का हक और बराबरी का दर्जा चाहिए। नई सरकार से यही आशा करती हूं कि महिलाओं को रोजगार के अवसर मिलें। रसोई का बजट सुधारने का जतन किया जाए।
- सारिका वर्मा, गृहणी
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राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा मिलना चाहिए। युवाओं को रोजगार मिले और ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी और व्यवसायिक शिक्षा की व्यवस्था हो। मेरे हिसाब से मौजूदा शिक्षा नीति रोजगारपरक नहीं है। इसीलिए विद्यार्थियों को डिग्री लेने के बाद भी रोजगार के लिए भटकना पड़ता है।
- शालू गुप्ता, असिस्टेंट प्रोफेसर शिक्षा शास्त्र