उझानी अस्पताल में दंत कक्ष के बाहर लटका ताला। संवाद
उझानी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के कमरा नंबर- 30 ने दंत रोगियों को राहत की बजाय परेशानी में डाले रखा है। डेंटल सर्जन पहले मातृत्व अवकाश पर चली गईं। छह महीना बाद लौटीं तो बच्चे की देखभाल के लिए छुट्टी ले ली। उनकी गैर मौजूदगी में सहायक ने भी कमरे की ओर मुड़कर देखना तो दूर, महीनों से ताला खोलने की जरूरत महसूस नहीं की।
प्रथम संदर्भन इकाई के रूप में सुविधा विस्तार के बाद ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर दंत चिकित्सक और सहायक की तैनाती हुई थी। पिछले तीन-चार साल से उपकरण भी मुहैया कराए जा चुके हैं, लेकिन दंत रोगियों को सुविधा के नाम पर कमरा नंबर- 30 पर ताला लटका ही मिला। बृहस्पतिवार दोपहर भी कमरे के बाहर ताला देख लौटे नझियाई मोहल्ले से आए मरीज सुधीर ने बताया कि पांच- छह बार पहले भी उन्हें बिना इलाज के लौटना पड़ा है। ऐसे में दर्द निवारक गोली ही सहारा बन रही है। सुधीर की तरह और भी कई दंत रोगी लौट चुके हैं। किसी ने मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल तो कोई प्राइवेट क्लीनिक पर इलाज कराने को मजबूर है। मरीज कहते हैं कि अगर चिकित्सक मातृत्व अवकाश के बाद बच्चे की देखभाल को छुट्टी पर हैं तो दंत सहायक अस्पताल क्यों नहीं आते?
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- दंत चिकित्सक ने छह महीना का मातृत्व अवकाश लिया था। इसके बाद पिछले दिनों उन्होंने ड्यूटी भी की, लेकिन अब वह बच्चे की देखभाल के लिए छुट्टी पर हैं। दंत सहायक तो आते हैं। कमरे का ताला क्यों नहीं खोला गया है? इसकी जानकारी की जाएगी।- राजकुमार गंगवार, चिकित्साधीक्षक