रोडवेज बस स्टैंड के पास लगा जाम।संवाद
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बदायूं। शहर में रोडवेज बस अड्डे और आसपास के इलाके में सड़क पर खड़ी होने वाली बसों से लगने वाले जाम से व्यापारी भी काफी परेशान हैं। दरअसल, इस छोटे से इलाके में वाहनों का काफी ज्यादा दबाव रहता है। इस कारण यहां जाम के हालात बने ही रहते हैं। लोगों को घंटों जाम का सामना करना पड़ता है। ऐसे में दुकानदारों का व्यवसाय भी प्रभावित होता है। रोडवेज का डीजल पंप नए वर्कशॉप में शिफ्ट न होने से बसों का ज्यादा दबाव रहता है। व्यापारियों का कहना है कि डीजल पंप शिफ्ट होने से यातायात काफी हद तक व्यवस्थित होगा।
बदायूं डिपो के बेड़े में कुल 168 बसें शामिल हैं। इनमें 131 बसें निगम की और बाकी अनुबंधित हैं। इसके अलावा रोडवेज बस स्टैंड से कुछ ही दूरी पर निजी बस स्टैंड भी है। यहां से भी रोज 250 से ज्यादा बसों का संचालन होता है। रोडवेज के पास वाटर वर्क्स रोड तो डग्गामारों का अड्डा बना हुआ है। जीआईसी रोड, अंबेडकर पार्क और भामाशाह चौराहा पर भी निजी वाहनों के स्टैंड हैं। गौर करने वाली बात यह है कि रोडवेज के पास से ही जिला अस्पताल, कलक्ट्रेट, जिला महिला अस्पताल, जिला जेल के लिए भी रोड निकलती हैं। इसके अलावा यहां से बरेली-मथुरा और मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे भी गुजरते हैं।
रोडवेज बस स्टैंड और इसके आसपास के इलाके काफी व्यस्त रहते हैं। यहां जाम से समस्या रहती है। जाम की एक बड़ी वजह रोडवेज बस स्टैंड का डीजल पंप अब तक नए वर्कशॉप में शिफ्ट न होना भी है। दरअसल, इसके लिए प्रक्रिया लंबित है। व्यापारी भी मांग कर रहे हैं कि अगर बस स्टैंड पूरी तरह से नए वर्कशॉप में शिफ्ट हो जाता है तो शहर की तस्वीर बदल जाएगी। व्यापारियों का कहना है कि शहर में यातायात व्यवस्थित नहीं है।
चौराहे चौड़े हुए, मगर जाम से मुक्ति नहीं
शहर के ज्यादातर चौराहे अतिक्रमण हटाए जाने के बाद काफी चौड़े हो गए हैं। लावेला चौक की सूरत बदल गई है। पुलिस लाइंस चौराहा भी अब भामाशाह चौक के नाम से जाना जाने लगा है। यहां भी सड़क काफी चौड़ी हो गई है। लावेला चौक का सौंदर्यीकरण हो रहा है। इसका नाम अब भगवान परशुराम चौक रखा गया है। चौराहे चौड़े होने के बाद भी लोगों को इन इलाकों में जाम से मुक्ति नहीं मिली है। लोगों का कहना है कि अगर बस स्टैंड का सौंदर्यीकरण हो जाए और वर्कशॉप पूरी तरह से नए स्थान पर शिफ्ट हो जाए तो जाम की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी।