प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क परियोजना से जिले में वर्ष 2013 में स्वीकृत 25 रोडों का निर्माण अधर में लटका हुआ है। इसके लिए धनराशि उपलब्ध न होने की बात कहते हुए विभागीय अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। इनके भी उसी समय खाली होने पर योजना कार्यालय पर भी धन का अपव्यय हो रहा है।
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क परियोजना के तहत वर्ष 2013 के अगस्त माह में जिले की 25 सड़कों को 20 करोड़ की राशि मंजूर हुई थी। तब से इन सड़कों को तुड़वा दिया गया है लेकिन 40 प्रतिशत राशि मिल जाने के बाद से इन सड़कों के लिए धन की प्राप्ति नहीं हो पा रही है। रुरल डवलपमेंट अथार्टी (यूपी आरआरडीए) की ओर से भी मांग पत्र केंद्र सरकार को भेजा गया है। योजना के अधिकारियों का मानना है कि 28 फरवरी को कें द्रीय बजट के बाद इस योजना को धन मिलने की उम्मीद लगाई जा सकती है।
योजना के लिए यहां एक-एक एक्सईएन, एई और आधा दर्जन जेई और तीन अन्य स्टाफ है। काम न होने के कारण सभी को खाली बैठना मजबूरी है जबकि शासन पीएमजीएसवाई आफिस पर खासा खर्च करता है।