दहगवां। सीएचसी दहगवां अब 11 साल बाद विभाग को हैंडओवर होगी। इसकी मरम्मत कराने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ ने पौने दो करोड़ रुपये से मरम्मत कार्य शुरू करा दिया है। दिसंबर माह तक भवन को हैंडओवर किया जाना है।
दहगवां में बनी सीएचसी का भवन बनाने के लिए जनवरी 2009 में मंजूरी दी गई। निर्माण कार्य का जिम्मा उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ (पैक्सफेड) को सौंपा गया। संघ पैक्सफेड ने इसका ठेका ईको इंटरप्राइजेज को दिया। 2011 में चार करोड़ रुपये की धनराशि मंजूर कर दी गई। उसके बाद निर्माण कार्य शुरू कराया गया। 2014 में निर्माण कार्य पूरा दिखाकर ठेकेदार चला गया। 10 साल तक भवन हैंडओवर नहीं हो सका। अमर उजाला ने इस मुद्दे को सात जनवरी 2025 को प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद शासन ने विभाग को जांच सौंपी।
जांच में सामने आया कि 2011 से 2014 तक चार अभियंताओं ने निर्माण को लेकर अपनी अपनी रिपोर्ट कार्यदायी संस्था को दी थी, लेकिन कहीं भी यह जिक्र नहीं किया गया कि भवन को सड़क से तीन फीट नीचे बनाया गया है। जांच में पाया गया कि भवन गड्ढे में बनाया गया है। इसलिए हैंडओवर नहीं हो पाया। इसको लेकर उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ के अभियंताओं के खिलाफ जांच चल रही है। फिलहाल वह अभियंता सेवानिवृत भी चुके हैं। शासन के निर्देश पर पैक्सफेड ने सीएचसी दहगवां के भवन की मरम्मत को पौने दो करोड़ रुपये जारी किया और मरम्मत का कार्य शुरू कराया है।
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यह होने हैं मरम्मत के कार्य
- प्लास्टर, खिड़की, दरवाजों, टाइल्स को दोबारा लगाया जाएगा है। बरसात के पानी को संरक्षित करने के लिए चार रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट बनाए जाने हैं। साथ बाउंड्रीवॉल भी बनाई जाएगी। इसके बाद बिजली फिटिंग, पंखा, एसी, शौचालय आदि का काम कराया जाएगा।
कोट,
- शासन के निर्देश के बाद मरम्मत का कार्य शुरू कराया है। दिसंबर तक कार्य पूरा करने के बाद भवन को स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर कर दिया जाएगा। - अभिषेक यादव, एई, उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ लखनऊ
सीएचसी भवन की मरम्मत को लाई गईं ईंटे। संवाद- फोटो : संवाद
सीएचसी भवन की मरम्मत को लाई गईं ईंटे। संवाद- फोटो : संवाद