बदायूं। पुराने बस स्टैंड के पास पालिका की बेशकीमती जमीन पर गोपीनाथ पेट्रोल पंप बना हुआ है। इस जमीन को पालिका की ओर से पेट्रोल पंप मालिक को लीज पर दिया गया है। इसके मासिक किराए में अधिकारियों और कर्मचारियों ने खेल किया है। चार साल पहले जो मासिक किराया 9710 रुपये था। उसे घटाकर अब 400 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है।
लखनऊ के संजय गांधी पुरम फैजाबाद रोड निवासी समाजसेवी मनीष श्रीवास्तव ने सीएम को भेजे पत्र में बताया कि बदायूं शहर में नगर पालिका की आराजी संख्या 339 की 3400 वर्ग फीट जमीन पर गोपीनाथ पेट्रोल पंप है। इसके संचालक हरिओम वैश्य हैं। पालिका की ओर से आठ अगस्त 2021 में पेट्रोल पंप का किराया 9211 रुपये मासिक किराया तय किया गया था। अनुबंध के अनुसार 2029 तक का यह किराया देना था। आरोप है कि 18 फरवरी 2025 को फिर से अधिकारियों और कर्मचारियों ने साठगांठ कर मासिक किराया 400 रुपये कर दिया गया है। इससे पालिका को हर साल 1,05,733 रुपये का नुकसान होगा। बोर्ड में पट्टे की नवीनीकरण का सभासदों पर राजनैतिक दबाव बनाकर अधूरा प्रस्ताव बोर्ड में पास करा लिया गया। शिकायतकर्ता ने इस मामले में शिकायत कमिश्नर, डीएम और पालिका के ईओ से भी की है।
क्या है पट्टे का नियम
9 जुलाई 1995 में विशेष सचिव केपी सिंह ने आदेश जारी किया था कि नगर निकाय की जमीन शासन के पूर्व अनुमोदन के बिना न विक्रय की जाए और न ही पट्टे पर दी जाये।
-
45 साल पहले हुआ था पेट्रोल पंप का पट्टा
वर्ष 1979 में पांच वर्ष के लिए पट्टा हुआ था। उसको निरस्त कर पांच वर्ष के लिए दोबारा सार्वजनिक नीलामी कर पट्टा कराया गया था, तब से लगातार इसकी लीज बढ़ाई जा रही है।
-
- पेट्रोल पंप के संबंध में शिकायती पत्र आया था। इसकी जांच एडीएम प्रशासन को दी गई है। उनके रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
- अवनीश राॅय, डीएम