फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राम-रावण युद्ध की लीला का मंचन, रावण का पुतला दहन

विज्ञापन
कादरचौक रामलीला में जलाया गया रावण का पुतला। संवाद - फोटो : BADAUN
विज्ञापन
बदायूं। कादरचौक कस्बे की डेढ़ सौ साल से ज्यादा पुरानी रामलीला में शनिवार को रावण वध की लीला का मंचन किया गया। रामलीला के इतिहास में कभी ऐसा नहीं हुआ जब मंच सूना रहा हो। पिछले वर्ष कोरोना काल के दौरान जिले भर में रामलीला का आयोजन नहीं हुआ। उस दौरान भी कादरचौक में पांच दिन तक रामलीला का मंचन चला था।
विज्ञापन

कादरचौक में इस वर्ष अयोध्या से आए कलाकार रामलीला का मंचन कर रहे हैं। शुक्रवार और शनिवार को रामलीला में दर्शकों की काफी भीड़ उमड़ी। राम और रावण के बीच युद्ध का रोमांचक मंचन किया गया। राम ने प्रतीकात्मक रूप से रावण का वध किया। इसके बाद रावण का पुतला दहन किया गया। रविवार को रामलीला में दंगल का आयोजन किया जाएगा। यहां रामलीला में मंचन के बाद प्रसाद वितरण भी की परंपरा है। इस बार प्रसाद वितरण की परंपरा टूट गई। बुजुर्गों का कहना है कि रावण ब्राह्मण कुल में जन्मा था। ऐसे में प्रसाद वितरण किया जाता है।
-
-
रामलीला में हुआ भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का मंचन
बदायूं। गांधी ग्राउंड में चल रहे राम लीला महोत्सव में शनिवार को भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का मंचन किया गया। बिहार के मधुवनी से आए कलाकारों ने श्रीकृष्ण जन्म का सजीव मंचन किया।
विज्ञापन

मंचन में दिखाया गया कि कंस की जेल में माता देवकी और वासुदेव बंद होंते हैं। माता देवकी के गर्भ से भगवान विष्णु श्रीकृष्ण के रूप में जन्म लेते हैं। जन्म से पहले भगवान विष्णु माता देवकी और वासुदेव को बताते हैं कि पूर्व जन्म में उन्होंने मेरी भक्ति कर मेरे जैसे पुत्र की प्राप्ति की कामना की थी। श्रीकृष्ण जन्म लेते हैं तो कंस की जेल के दरवाजे खुद ही खुुल जाते हैं। संवाद

कादरचौक में रामलीला का मंचन करते कलाकार। संवाद- फोटो : BADAUN

 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें