बदायूं। जिले में संचालित परिषदीय स्कूलों में बच्चों को संस्कारवान बनाने के लिए रामायण व वेद अभिरुचि कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। सात से दस दिन चलने वाली इन कार्यशालाओं में बच्चे संस्कृति और संस्कारों का ज्ञान लेंगे।
जिले में 2,155 परिषदीय विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। यहां पर करीब 3 लाख 10 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। स्कूलों में 21 मई से ग्रीष्मावकाश होना है। इस अवधि में बच्चों को संस्कृति का ज्ञान कराने के साथ ही उनमें संस्कार विकसित करने के लिए विद्यालयों में कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।
बीएसए वीरेंद्र कुमार ने बताया कि शासन की ओर से मिले निर्देशों के मुताबिक, ग्रीष्मावकाश में परिषदीय स्कूलों के बच्चों को रामायण एवं वेद अभिरुचि के बारे में बताया जाएगा। कार्यशाला में भगवान राम के जीवन व रामचरितमानस में वर्णित मंथरा-कैकेयी संवाद, दशरथ-कैकेई संवाद का मंचन होगा।
बताया, इससे गांव के प्रबुद्ध अभिभावक व बच्चे मंचन के जरिए भगवान राम के आदर्शों के बारे में जानकर समाज में फैली विसंगतियों को दूर करने में मदद करेंगे। 7-10 दिन चलने वाली कार्यशाला में श्रीरामचरितमाानस गान, वाचन कार्यशाला, रामायण चित्रकला, रामायण क्ले मॉडलिंग, रामायण मुख सज्जा, मुखौटा कार्यशाला, वेद सामान्य ज्ञान कार्यशाला का आयोजन होगा।