कुंवरगांव में राखी की खरीदारी करती युवती। संवाद
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बदायूं। रविवार को रक्षाबंधन है। राखियों का बाजार गुलजार है। दुकानें डिजाइनर राखियां से भरी पड़ी हैं। इस बार चायनीज की जगह स्वदेशी राखियों की मांग ज्यादा है। हालांकि इस साल राखियों की कीमतों में पिछले साल की अपेक्षा 10 से 15 फीसदी बढ़ोतरी दिख रही है।
रक्षाबंधन पर इस बार लोगों को परंपरागत राखियों के बीच कुछ ऐसी राखियां भी नजर आएंगी जिन पर तरह-तरह के पकवान खिलौनों के रूप में सजे हैं। राखी निमार्ताओं ने खास तौर पर बच्चों को आकर्षित करने के लिए पिज्जा, समोसा, फिंगर चिप्स समेत कई तरह के पकवान वाली राखियां बाजार में उतारी हैं। यह राखियां न सिर्फ देखने में आकर्षक है, बल्कि कीमत भी अधिक नहीं है। इसके अलावा भी तरह-तरह की राखियां हैं पर चायनीज राखियां न के बराबर हैं। लोग अपने देश में ही बनी राखियों को पसंद कर रहे हैं।
रक्षाबंधन का सभी लोगों को बेसब्री से इंतजार रहता है। बाजार में इस बार काफी अच्छी राखियां आई हैं। मैं भाई के यहां जाकर उसको राखी बांधूंगी।
-मेघा शेलू महाजन, बिसौली
रक्षा बंधन बहन-भाई के बीच के प्यार का प्रतीक है। जो पवित्र रिश्ते को दर्शाता है। मैं अपने भाई के लिए अच्छी सी राखी लेकर जाऊंगी।
- वीना कोहली, बिसौली
इस बार भाई के घर पर जाकर रक्षाबंधन के त्योहार को मनाऊंगी। इसके लिए अभी से पूरी तैयारी कर ली है। ताकि मायके जाते समय कुछ न रह जाए।
-ममता तोमर, मूसाझाग
हमेशा की तरह इस त्योहार पर भी भाई के घर जाएंगे। वहीं पर भाई की कलाई पर राखी बांधेंगे। इस दिन का सभी बहनों को बेसब्री से इंतजार रहता है।
- कुमुद, कुंवरगांव