बदायूं। सावन माह की कांवड़ यात्रा शुरू होने में अब तीन दिन ही शेष हैं, बावजूद इसके जिले के 331 किमी लंबे छह प्रमुख कांवड़ मार्गों की स्थिति अब भी पूरी तरह दुरुस्त नहीं हो सकी है। कहीं सड़कें गड्ढों में तब्दील हैं तो कहीं निर्माण कार्य के कारण कीचड़ और जाम की समस्या है। कई मार्गों पर छुट्टा गोवंश श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए चुनौती बन सकते हैं। प्रशासन ने तैयारियां पूरी करने के दावे किए हैं, लेकिन हकीकत कुछ और ही तस्वीर बयां कर रही है।
नहीं सुधरी बरेली-मथुरा हाईवे की स्थिति
उझानी। कांवड़ियों के मुख्य मार्ग बरेली-मथुरा हाईवे की स्थिति में ज्यादा सुधार नहीं दिख रहा है। भमौरा से लेकर कछला तक की स्थिति देखें तो कई जगहों पर सिंगल लेन की वजह से आने-जाने में कांवड़ियों के साथ राहगीरों को भी दिक्कत होगी। कहीं पर सड़क चौड़ीकरण की वजह से खोदाई हुई है तो कहीं एक हिस्सा पानी से लबालब है। कई जगहों पर गड्ढे नहीं भरे जाने से उसमें बारिश का पानी भर गया है। बदायूं से कछला के बीच आधा दर्जन स्थानों पर कांवड़ियों को परेशानी होने की आशंका जताई जा रही है। संवाद
40 किमी लंबे कांवड़ मार्ग पर छुट्टा गोवंश बढ़ाएंगे मुश्किलें
बिल्सी। वजीरगंज से कछला 40 किमी लंबे मार्ग पर कई स्थानों पर बड़ी संख्या में छुट्टा गोवंश हर समय सड़कों पर विचरण करते रहते हैं। बिल्सी-बिसौली-कासगंज बाइपास पर ही करीब 200 से अधिक छुट्टा गोवंश सड़क पर डेरा जमाए रहते हैं। रफीनगर, मुजरिया चौकी क्षेत्र समेत कई स्थानों पर भी यही स्थिति बनी हुई है। सीमेंट व्यापारी पंकज गुप्ता और नितिन वार्ष्णेय ने बताया कि बिसौली-कासगंज बाइपास मार्ग पर छुट्टा गोवंश के कारण अक्सर सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं। एसडीएम राजेश कुमार ने बताया कि कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले सड़कों पर विचरण करने वाले सभी छुट्टा पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया जाएगा। संबंधित विभागों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। संवाद
कांवड़ यात्रा के तीन दिन बाकी, मुजरिया चौराहे पर अतिक्रमण, अवरोधों पर कोई ध्यान नहीं
बदायूं। सरकार के साथ-साथ जिला प्रशासन ने कांवड़ मार्ग दुरुस्त रखते हुए कांवड़ियों की सुरक्षा पर बेहद संवेदनशील रहने के निर्देश जारी किए हैं। इसके चलते कांवड़ यात्रा मार्ग को साफ-स्वच्छ और सुरक्षित बनाने पर काम चल रहा है। बावजूद इसके बिल्सी-कछला मार्ग पर जगह-जगह अतिक्रमण और अवरोध पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
चौराहे के सौन्दर्यीकरण के लिए खोदी गई सड़क के गड्ढे अब तक नहीं भरे गए हैं, जिससे कांवड़ियों को परेशानी हो सकती है। दरअसल, मुजरिया थाना क्षेत्र में मार्ग के मुख्य चौराहा और बितरोई चौराहा पर कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए संवेदनशील माना जाता है। मुजरिया चौराहे पर चारों ओर हाईवे होने के कारण एक ओर रूट डायवर्जन के चलते भारी वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं तो वहीं दूसरी ओर चौराहे पर ऑटो और ई-रिक्शा सहित दुकानदारों का अतिक्रमण भी यात्रा को प्रभावित करता है। जगह-जगह चौराहे के सौन्दर्यीकरण को खोदी गई सड़क के गड्ढे बंद न होने से भी कांवड़ियों को परेशानी हो सकती है।
बरेली-मथुरा हाईवे पर लगभग हमारा काम पूरा हो चुका है। कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले अन्य काम भी पूरा करा लिया जाएगा। उसके बाद छह प्रमुख कांवड़ मार्ग गड्ढा मुक्त हो जाएंगे। हाईवे के चौड़ीकरण का कार्य तेजी से कराया जा रहा है। - उत्कर्ष शुक्ला, परियोजना निदेशक, एनएचएआई
कांवड़ को लेकर सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि काम में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें। अगर कहीं पर गोवंश कांवड़ यात्रा रूट पर दिखें तो उनको पास के गोआश्रय केंद्र में भेजें। सड़कों को गड्ढा मुक्त किया जा रहा है। अगर कहीं पर कोई कमी रह गई है, तो उसको दुरुस्त कराया जाएगा। -अरुण कुमार, एडीएम प्रशासन
अतिक्रमण और जलभराव से मुजरिया चौराहे का हाल, यहां से भी गुजरेंगे कांवड़ यात्री। संवाद
अतिक्रमण और जलभराव से मुजरिया चौराहे का हाल, यहां से भी गुजरेंगे कांवड़ यात्री। संवाद