बदायूं। रुहेलखंड के मिनी कुंभ का आयोजन इस बार हो सकता है। पिछले वर्ष कोरोना संक्रमण के कारण पहली बार मेला ककोड़ा का आयोजन नहीं हो सका था।
मेला ककोड़ा के आयोजन के लिए जिला पंचायत ने शासन से अनुमति मांगी थी, लेकिन अनुमति नहीं मिल सकी थी। हाल ही में जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में मेला आयोजन को लेकर चर्चा हुई। तय किया गया कि पिछले वर्ष की तरह झंडी और गंगा पूजन तक आयोजन सीमित रहेगा। इसके बाद मेला के आयोजन ने जोर पकड़ लिया। इसके बाद डीएम ने बैठक में जिला पंचायत के साथ संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को मेला स्थल का निरीक्षण कर रिपोर्ट देने को कहा था। मेला स्थल के निरीक्षण को 26 अक्तूबर तय की गई थी। इससे पहले ही मेला स्थल पर जिला पंचायत ने गतिविधियां चालू कर दीं। रविवार से गंगा का जलस्तर भी कम होने लगा है। सोमवार को डीएम की ओर से गठित टीम भी स्थल का निरीक्षण करेगी। जिला पंचायत के सूत्रों का कहना है कि मेले के आयोजन की तैयारियां चालू कर दी गई हैं। हालांकि, मेले का स्वरूप क्या होगा इस पर सोमवार को आने वाली रिपोर्ट के बाद ही तय हो सकेगा।
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गंगा के जलस्तर में गिरावट आने लगी है। सोमवार को टीम मेला स्थल का निरीक्षण करेगी। निरीक्षण के बाद मेले के आयोजन का स्वरूप भी तय कर लिया जाएगा।
-सत्यपाल, एएमए जिला पंचायत
ककोड़ा मेला नहीं लगा तो होगा प्रदर्शन
बदायूं। रविवार को मालवीय आवास पर ककोड़ा मेला लगाने की मांग को लेकर कुर्मी समाज और युवा मंच संगठन ने धरना प्रदर्शन किया। कहा कि अगर मेला नहीं लगा तो सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया जाएगा। एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा।
युवा मंच संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ध्रुवदेव गुप्ता कहा कि ककोड़ा मेला आस्था व धर्म का प्रतीक है। ककोड़ा मेला का आयोजन होना परम आवश्यक है। देश में बड़े बड़े आयोजन हो रहे हैं तो फिर ककोड़ा मेले के आयोजन पर ही बाध्यता क्यों हो रही है। मेला नहीं लगा तो कुर्मी समाज सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेगा। फिर बदायूं से लखनऊ कूच किया जाएगा। मेला लगाओ जागरूकता चेतना रैली निकाली जाएगी। इस दौरान संरक्षक कुंवर संदीप राठौर, आदित्य राठौर, अभिनव राठौर, संतोष कुमार, मोहित पटेल, सम्राट पटेल, हरिमोहन सिंह, पीयूष पटेल, गौरव सिंह, आशु पटेल, राजेश पटेल, उगेंद्र, रजनीश पटेल आदि मौजूद रहे। संवाद