- बिल्सी में एसडीएम ने उच्चाधिकारियों को लिखा पत्र
देहात के कई इलाकों में इस समय भयंकर बिजली कटौती से आमजन का बुरा हाल है। नियमित कटौती के अलावा जर्जर तारों के गिरने और बार-बार ट्रिपिंग से भी सप्लाई बाधित हो रही है। जिसकी वजह से उद्योग धंधों के साथ-साथ आम जनजीवन पर भी बहुत फर्क पड़ रहा है।
बिल्सी। नगर में पिछले दो माह से चल रही बिजली की आंख मिचौली से नगर की जनता काफी दुखी हो चुकी है। रात-रात भर बिजली केअभाव में वह चैन से सो भी नहीं पा रही है। उपजिलाधिकारी हरीशंकर लाल शुक्ला ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए विभाग के उच्चाधिकारियों को एक पत्र लिखा है, ताकि शीघ्र बिजली कटौती की समस्या में सुधार हो सके।
नगर के व्यापारी नेता दीपक माहेश्वरी, कमलेश शर्मा, गौरव श्रीवास्तव, राघव गुप्ता, अरविंद राठौर, संजीव कुमार, ऋतिक वार्ष्णेय, आरके लक्ष्य ने बताया कि बिल्सी नगर में पिछले दो माह से बिजली कटौती का इतना बुरा हाल है कि यहां पर उपभोक्ताओं को 24 घंटों में मात्र 10-11 घंटे ही बिजली नसीब हो पा रही है। पूरी-पूरी रात बिजली गुल रहती है। दिन में भी बिजली की कई बार ट्रिपिंग होती रहती है। बिजली नियमित रूप से न मिल पाने के कारण यहां के उद्योग धंधों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। बावजूद इसके बिजली विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे पा रहा है। आज कुछ लोगों ने इस समस्या को लेकर एसडीएम को अवगत कराया। इस पर उन्होंने उच्चाधिकारियों को पत्र जारी करते हुए कहा है कि बिजली कटौती को लेकर नगर की जनता में आक्रोश बढ़ता जा रहा है, इसलिए बिजली विभाग को चाहिए वह शीघ्र बिजली कटौती की समस्या को खत्म कर शासन द्वारा निर्धारित 20 घंटे तहसील मुख्यालय को बिजली उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
000
उसावां में बिजली को तरस रहे ग्रामीण
उसावां । दो दिन से कस्बे और ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था पटरी से उतरी हुई है। शासन से 18 से 20 घंटे बिजली सप्लाई की घोषणा के बाद भी बमुश्किल सात से आठ घंटे ही बिजली मिल पा रही हैं। लोगों का भीषण गर्मी से बुराहाल है।
बिजली की अघोषित कटौती से जनजीवन पर खासा असर पड़ रहा हैं। सरकार और जनप्रतिनिधि इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। गर्मी से निजात दिलाने वाले उपकरण घरों में शो पीस बनकर रह गए हैं। सोमवार से कस्बे और देहात की बिजली किश्तों में मिल रही है। वह भी सात आठ घंटे, जबकि स्थानीय बिजली उपकेंद्र का शेड्यूल दिन में दोपहर डेढ़ से अपराह्न साढ़े तीन बजे तक शाम साढ़े छह बजे से अगले दिन सुबह 10.30 बजे तक निर्धारित है। इसके अनुसार 24 में 18 घंटे उपभोक्ताओं को बिजली मिलनी चाहिए जबकि हकीकत यह हैं कि बिजली आने के कुछ समय बाद ही आंख मिचौनी शुरू हो जाती हैं। इसके परिणामस्वरूप बिजली उपभोक्ताओं को 24 घंटे में सात आठ घंटे ही बिजली बमुश्किल मिल पा रही है। इस संबंध में जानकारी करने पर जवाब मिलता हैं कि बिजली मुरादाबाद कंट्रोल से कोड आने के बाद मिलेगी और वहीं से बंद कराई गई है।