11 नोडल अधिकारियों को चेताया, कड़ी हिदायत दी
डीएम ने की विकास कार्यों की समीक्षा
100 दिन की कार्ययोजना पर काम करने के निर्देश दिए
जिलाधिकारी अनिता श्रीवास्तव ने विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए गंगा एक्शन प्लान के तहत गंगा किनारे बसे गांवों को खुले में शौच मुक्त किए जाने की रिपोर्ट उपलब्ध न कराने पर में 11 नोडल अधिकारियों के प्रति कड़ी नाराजगी व्यक्त की। दो दिन में रिपोर्ट न देने पर कड़ी कार्रवाई की हिदायत भी दी। कहा कि शासन के प्राथमिकता वाले कार्यों को गंभीरता से न लेने वाले अफसरों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई जरूर होगी।
मंगलवार को डीएम की अध्यक्षता में विकास भवन स्थित सभाकक्ष में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक हुई। उन्होंने 100 दिनों की कार्य योजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि तहसील समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करें और जो शेष शिकायतें हों, मीटिंग बुलाकर तुरंत निस्तारित कराया जाए। उन्होंने जल निगम को निर्देशित किया कि जिन-जिन विद्यालयों में पेय जल की व्यवस्था नहीं है, तत्काल उपलब्ध कराई जाए और जिन विद्यालयों में शौचालय नहीं है, वह भी समय से बनवाएं। उन्होंने विद्युत विभाग को निर्देश दिए कि जहां-जहां ट्रांसफार्मर खराब है, उनको तत्काल बदलवाया जाए। जिलाधिकारी ने सभी विभागोें के अधिकारियों को निर्देश दिए कि 100 दिनों की कार्य योजना हर हाल में पूरी होनी चाहिए। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में बताया गया कि जनपद में 106 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं, जिनके लिए 30 बाढ़ चौकियां निरीक्षण के लिए बनाई गई। उन्होंने कहा कि बाढ़ में किसी प्रकार का जन तथा धन हानि नहीं होना चाहिए। इसकी व्यवस्था के लिए बाढ़ खंड अभियंता समय से पूरी करें। बाढ़ के समय मुख्य चिकित्सा अधिकारी पशुओं को चारा तथा टीका व्यवस्था उपलब्ध कराएं। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी शेषमणि पांडेय, अपर जिलाधिकारी प्रशासन अजय कुमार श्रीवास्तव तथा सिटी मजिस्ट्रेट राजकुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।