सहसवान में सीएम की सभा को मैदान की सफाई करते कर्मचारी। संवाद
- फोटो : BADAUN
बदायूं। जिले में भाजपा का सर्वाधिक खराब प्रदर्शन सपा के गढ़ सहसवान में रहा था। यहां विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी आशुतोष वार्ष्णेय उर्फ भोला चौथे स्थान पर रहे थे। प्रदेश में ऐसी ही सीटों पर समीकरण साधने के लिए मुख्यमंत्री योगी जनसभाएं करने जा रहे हैं। यहां सहसवान में नौ नवंबर की प्रस्तावित सभा को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। नए क्षत्रप भी सीएम के सामने भीड़ जुटाकर दमखम दिखाने की कोशिश में हैं। यहां बता दें कि प्रमोद इंटर कॉलेज के नजदीक वाले मैदान को जनसभा के लिहाज से तैयार किया जा रहा है। हेलीपैड बनाने को लेकर पन्नालाल नगर पालिका इंटर कॉलेज का मैदान प्रस्तावित माना जा रहा है। माना जा रहा है कि शनिवार को तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
चौथे नंबर पर थे भाजपा प्रत्याशी भोला, अब नए चेहरे सामने आ रहे
सहसवान वह विधानसभा सीट है जहां मोदी लहर में पूरा जोर लगाने के बाद भी भाजपा नहीं जीत सकी, बल्कि भाजपा प्रत्याशी चौथे नंबर पर रहे थे। यहां मौजूदा विधायक ओमकार सिंह सपा के हैं जिन्होंने निकटतम प्रतिद्वंद्वी बसपा के हाजी अरशद अली को हराया था। तीसरे नंबर पर राष्ट्रीय परिवर्तन दल के प्रत्याशी उमलेश यादव रहीं जो बाहुबली व सहसवान के पूर्व विधायक डीपी यादव की पत्नी हैं। चौथे नंबर पर भाजपा के प्रत्याशी आशुतोष वार्ष्णेय उर्फ भोला थे जिन्हें करीब 25 हजार वोट ही मिल सके थे। इसके अलावा जिले के अन्य सभी विधानसभा सीट भाजपा के खाते में चली गईं थीं।
इस बार भाजयुमो के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेश यादव, पूनम यादव जैसे नए चेहरे यहां से सामने आ सकते हैं।
तब जितेंद्र यादव के हाथ से रातोंरात फिसला था टिकट
जिला पंचायत अध्यक्ष वर्षा यादव के पति पूर्व एमएलसी जितेंद्र यादव के हाथ से सहसवान का टिकट ऐन वक्त पर फिसल गया था। पहले जितेंद्र यादव को ही टिकट की घोषणा की गई थी। उन्हें सिंबल मिलने से पहले ही टिकट रातोंरात बदलकर चंदौसी (संभल) के मूल निवासी भोला को दे दिया गया। चर्चा है कि जितेंद्र मजबूत प्रत्याशी हो सकते थे और उन्हें टिकट न मिलने पर ही भाजपा के वोटरों ने उनके परिवार से जुड़ी उमलेश यादव को वोट कर दिया। काफी वोट सपा प्रत्याशी ने भी झटक लिए और भाजपा प्रत्याशी भोला बड़े अंतर से चुनाव हार गए। जितेंद्र इस बार दावेदारी करेंगे या नहीं, इस बारे में फिलहाल स्थिति साफ नहीं है। उनकी पत्नी वर्षा यादव हाल ही में सपा प्रत्याशी सुनीता शाक्य को हराकर जिला पंचायत अध्यक्ष बनी हैं। संवाद