कोतवाली पुलिस ने उसी दौरान दोनों आरोपितों को उनके घर से पकड़ लिया था। वह दोनों खुद को बेकसूर बता रहे थे। प्रथम दृष्टया पुलिस भी मामला संदिग्ध मान रही थी। छानबीन के अनुसार 16 दिसंबर को घर से उदयवीर के खून से सने कपड़े और खून से सनी कुल्हाड़ी बरामद हुई थी। इससे पुलिस ने 17 दिसंबर को उदयवीर को गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया था। इससे पुलिस ने उदयवीर को जेल भेज दिया था।
उदयवीर के बयान बदलने से पकड़ा गया मामला
हत्यारोपी उदयवीर ने अपने बयानों में बताया था कि वह अंदर कमरे में सो रहा था। रात उसके चाचा और चचेरा भाई आया। दोनों की हत्या करके चले गए लेकिन इसकी सूचना सुबह छह बजे दी गई। पुलिस ने सवाल किया था कि उसी वक्त सूचना क्यों नहीं दी गई। उसने कहा था कि वह डर गया था। इससे सूचना नहीं दे सका।
उसने यह भी कहा था कि हत्यारों ने उसे कमरे में बंद कर दिया था। वह जिस कमरे में बंद था। उसमें बाहर से ताला लगा था लेकिन उसकी खिड़की खुली थी। उदयवीर कमरे का बाहर से ताला लगाकर खिड़की से जाकर अंदर बैठ गया था। पूछताछ में सामने आया कि हत्यारोपी उदयवीर ने जमीन के लालच में दंपती की हत्या की थी।