एक ही कैंपस में है सरकारी गेहूं खरीद केंद्र और पीडीएफ गोदाम
सहसवान के मचौना की मढ़ैया के पास यूपीएसएफसी का गोदाम है और इसी कैंपस में सरकारी गेहूं खरीद का केंद्र भी चल रहा है। यहां किसानों को आते-जाते न देख लोगों को खरीद केंद्र के संचालन पर पहले ही शक था, लेकिन कुछ लोगों की शिकायत पर पहुंचे पत्रकारों ने यहां की सारी पोल खोलकर रख दी है। पत्रकारों के पहुंचने पर गोदाम और खरीद केंद्र के कर्मचारी यहां से चले गए, लेबर भी नहीं रुकी। पीडीएस की बोरियां खाली पड़ी थीं और खरीद वाले बोरों में इसे भरा गया था। शिकायत एसडीएम तक भी पहुंची, तो उन्होंने कार्रवाई को तो कहा, लेकिन वे भी मौके पर नहीं पहुंचे।
यहां बता दें कि गेहूं खरीद लंबे समय से बंद पड़ी हुई है। गेहूं खरीद को लेकर सभी एजेंसियों पर लक्ष्य पूर्ति का जोर भी है। यहां बता दें कि यूपी एसएफसी जहां पीडीएस का गोदाम चला रही है, वहीं गेहूं खरीद केंद्र भी। इससे यहां की कार्यप्रणाली संदिग्ध बन गई है। शिकायत पर पत्रकारों के पहुंचने पर यहां से फरार हुए केंद्र प्रभारी और लेबर के कारण घपले की पुष्टि और हो गई। इस शिकायत की भी पुष्टि हुई कि कोटेदारों से हर कट्टे पर बचत कर यह गेहूं यहां एकत्र इसलिए किया जाता है कि क्रय केंद्र का लाभ लिया जा सके। गोदाम में पीडीएस के गेहूं के कट्टे खाली पड़े थे और गेहूं खरीद केंद्र के कट्टे उनसे भर दिए गए। जल्दबाजी में गेहूं के साथ पीडीएस का चावल के दाने में मिलकर उसमें पैक हो गए हैं। पत्रकारों ने यहां के फोटोग्राफ और वीडियो फिल्म भी तैयार की है। एसडीएम जंगबहादुर यादव से इस संबंध में बताया गया, तो उन्होंने कार्रवाई करने की बात तो की, लेकिन मौके पर जाकर स्थिति नहीं जानी। यहां बड़ी संख्या में गड़बड़ी पाई जा सकती है यदि मौके पर जाकर जांच की जाए तब। फिलहाल खरीद रजिस्टर और गेहूं की कैटागिरी आदि का बारीकी से निरीक्षण जरूरी है।
ऐसे किया केंद्र प्रभारी ने बचाव
सहसवान। केंद्र प्रभारी और गोदाम प्रभारी अनिल कुमार चौधरी ने बताया कि सहसवान नगर के कुछ कोटेदार गुटबंदी के तहत यहां उनसे विवाद कर चुके हैं कि वह जैसे चाहेंगे उस तरीके धर्मकांटा पर तौल कराके अनाज लेंगे। वह बाहर के एक धर्मकांटा पर अनाज की तौल कराना चाहते थे। इसी गुटबंदी में उनके द्वारा झूठी शिकायतें की गई हैं। चूंकि गोदाम और गेहूं खरीद केंद्र एक ही जगह है तो बारिश आदि के डर से गोदाम में ही गेहूं को संरक्षित करते हैं। उनके यहां खरीद कम हुई है। अभी करीब 100 क्विंटल ही खरीद का गेहूं है। सोचा था कि एक ट्रक 150 क्विंटल गेहूं हो जाए, तभी यहां से उठान कराया जाए।
ये बोले, यूपीएसएफसी के जिम्मेदार
सहसवान। यूपी एसएफसी के जिला प्रबंधक विपिन कुमार रस्तोगी का कहना है कि पिछले दिनों उनके विभाग के एमडी राममनोहर मिश्रा ने बैठक में निर्देश दिए थे कि केंद्रों को संचालन देखा जाए और विभाग के अन्य कार्यों का आंकलन किया जाए। उसकी के तहत वह सहसवान के गोदाम पर गए थे। वहां उन्हें कोटेदारों का विवाद भी पता लगा, लेकिन मामला सुलझ गया था। पीडीएस का गेहूं खरीद के गेहूं में मिलाकर बेचने का मामला नहीं है। जगह एक है। इसलिए शक पैदा हुआ है।
उनके संज्ञान में मामला आया है। इसकी गंभीरता को देखते हुए उसी गंभीरता से जांच भी कराई जाएगी। अगर, शिकायत सही पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई भी होगी।
- अशोक कुमार श्रीवास्तव, एडीएम प्रशासन/प्रभारी डीएम