चतुर्थी के तैयार की गई गणेश जी की मूर्तिया। संवाद
बदायूं। गणेश चतुर्थी पर्व को लेकर शहर में तैयारियां तेज हो गई हैं। शहर में जगह-जगह पंडाल सजाए जाएंगे और बप्पा की स्थापना की जाएगी। इसके लिए राजस्थानी कलाकारों ने मूर्तियां तैयार कर ली हैं। पंडाल सजाने वाले आयोजक अपनी पसंद की मूर्तियों को बुक करने के लिए पहुंचने लगे हैं। शहर में भाजपा कार्यालय के पास पिछले दस सालों से राजस्थान से आए कलाकारों का एक ही परिवार मूर्ति बनाने का काम कर रहा है।
परिवार ने इस बार छोटी-बड़ी मिलाकर करीब 500 मूर्तियां तैयार की हैं। रंग-बिरंगी और आकर्षक मूर्तियां लोगों को अपनी ओर खींच रही हैं। कारीगर मोहन ने बताया कि पहले पीओपी (प्लास्टर ऑफ पेरिस) से मूर्तियां बनती थीं, जो सस्ती पड़ती थीं, लेकिन अब प्रशासन की सख्ती और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए ईको फ्रेंडली मूर्तियां बनाई जा रही हैं। इसके लिए वह राजस्थान से विशेष चाक मिट्टी मंगाते हैं। इस मिट्टी को राजस्थान से बदायूं तक लाने में काफी खर्चा आता है। साथ ही मूर्ति बनाने के सांचों का किराया और रंगों के दाम भी दिन-प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं। इसलिए इस बार मूर्तियों के दाम थोड़े बढ़ा दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि काफी मेहनत के बाद मूर्ति तैयार होती है, लेकिन ग्राहक आकर मोलभाव करने लगते हैं, जो अच्छा नहीं लगता। अगर सही मायने में मेहनत का हिसाब लगाया जाए तो सिर्फ मजदूरी ही निकल पाती है। हर साल सभी मूर्तियां बिक नहीं पाती हैं, जो मूर्तियां बच जाती हैं, उन्हें अगले साल दोबारा से रंग-रोगन कर सजाना पड़ता है। इसके बावजूद कलाकारों को उम्मीद है कि इस बार गणेश चतुर्थी पर उनकी सभी मूर्तियां बिक जाएंगी और शहर में धूमधाम से बप्पा का आगमन होगा।
चतुर्थी के तैयार की गई गणेश जी की मूर्तिया। संवाद