कहा-20 घंटे बिजली देने का फरमान सिर्फ कागजों तक सीमित रह गया
जुमे की नमाज के बाद मस्जिद काले खां के सामने बिजली व्यवस्था से आहत नमाजी और रोजेदारों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि रमजान में 20 घंटे बिजली देने का फरमान कागजों में सिमटकर रह गया है। बिगड़े शेड्यूल के अलावा अघोषित कटौती ने क्षेत्र के लोगों को रुलाकर रख दिया है। उन्होंने कहा कि लोगों की रातों की नींद और दिन चैन उड़ गया है। सहरी के वक्त अक्सर बिजली गुल रहती है। ऐसे में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
प्रदर्शन के दौरान डॉ. खालिद नईम ने कहा कि रात में मस्जिदों में तरावीह होती है। वहीं सुबह सहरी के समय भी घरों में काफी काम होता है। बिजली कटौती की वजह से महिलाओं और रोजेदारों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रोजे की हालत में लोगों को मस्जिद तक आने-जाने में परेशानी होती है। ग़ुलाम मोहम्मद खां, आजम खान, बिलाल खां, शेखू खां, जावेद खान, डॉ. असलम खान, मुर्शिद खां, हामिद खान, उमैर खां, जुनैद खां, यूनुस खान आदि ने अघोषित कटौती और ट्रिपिंग की समस्या से जल्द निजात दिलाए जाने की मांग की है।