जिला योजना की बैठक में सांसद और विधायक ने जताई नाराजगी
सांसद ने बीएसए और डीपीआरओ को भ्रष्ट और बेईमान कहा
जिले के प्रभारी मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को विकास भवन में आयोजित हुई जिला योजना की बैठक में सांसद और विधायकों ने अफसरों के खिलाफ खुलकर भड़ास निकाली। बैठक में कई अफसरों को खुले तौर पर भ्रष्ट और बेईमान बताया गया। बिल्सी विधायक ने तो डीएम की कार्यशैली पर ही सवाल उठा दिए। कहा- डीएम चाहें तो अफसर एक दिन में सुधर जाएं। शिक्षा विभाग के कहीं फर्जी तरीके से कमेटी बनाने और परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की यूनिफार्म में कमीशनखोरी का आरोप भी लगाया गया। सांसद और विधायकों ने कहा कि जिले के अधिकारी सरकार की मंशा के अनुरूप कार्य नहीं कर रहे हैं।
जिला योजना की बैठक की शुरुआत में ब्लाक कादरचौक के ग्राम घटियारी में प्रधान की मौत के बाद डीपीआरओ राजीव कुमार मौर्य के कार्यवाहक प्रधान चुनने के लिए खुली बैठक के प्रस्ताव का मामला उठा। आंवला सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने आरोप लगाया कि डीपीआरओ भ्रष्ट और बेईमान हैं। उन्होंने फर्जी तरीके से कमेटी का प्रस्ताव किया है। कहा-सदस्य संख्या जिधर ज्यादा थी, उसका प्रस्ताव न देकर किसी अन्य को प्रस्तावित कर दिया गया। सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने बीएसए प्रेमचंद्र यादव पर स्कूलों में यूनिफार्म वितरण में घपलेबाजी का आरोप लगाते हुए कहा कि बीएसए भी भ्रष्ट हैं। उनके खिलाफ जांच होनी चाहिए। इस पर बीएसए ने कहा कि जांच करा ली जाए कि कौन अधिकारी, कर्मचारी या नेता ने घपलेबाजी की।
बैठक में मौजूद बिल्सी विधायक आरके शर्मा ने कहा कि उन्होंने गांवों में विकास कार्यों का ब्यौरा मांगा था, जो नहीं दिया गया। डीएम की ओर इशारा करते हुए कहा कि अगर आप चाहें तो इन अधिकारियों को 12 घंटे में सुधार सकती हैं। कोई अधिकारी न तो बात सुनता है, और न ही सवालों का जवाब देता है।
उधर, डीपीआरओ राजीव कुमार मौर्य का कहना था कि प्रधान की मौत के बाद खुली बैठक का प्रस्ताव भेजा गया था। प्रस्ताव आने के बाद फाइल डीएम को भेज दी गई। इसमें किसी प्रकार की अनदेखी नहीं की गई है। बीएसए प्रेमचंद्र यादव का कहना है कि सांसद तो सबको भ्रष्ट बता रहे थे, उनका कहना गलत है। बैठक में मौजूद अन्य विधायकों ने भी डीएम समेत कई अफसरों की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
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कई अफसरों का लद सकता है बोरिया बिस्तर
प्रभारी मंत्री के सामने सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने अफसरों पर लगाया
मंत्री बोले, जांच होगी
संजय श्रीवास्तव
बदायूं। जिले के प्रभारी मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के सामने सत्ताधारी पार्टी के जनप्रतिनिधियों ने जिस तरह अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए, उससे यह माना जा रहा है कि कुछ अफसरों के बोरिया बिस्तर लद सकता है। प्रशासनिक अमले में गुरुवार को इस बात को लेकर खलबली रही।
दरअसल प्रदेश में भ्रष्टाचार और गुंडाराज मिटाने के वायदे पर आई भाजपा सरकार न तो कानून व्यवस्था पर लगाम लगा पाई न भ्रष्टाचार पर। ऐसा उसके मंत्री खुद कह रहे हैँ। सत्ता परिवर्तन के बाद भी जिले में तैनात कई अफसरों ने अपना रुख बदल लिया। लेकिन कई पुराने अंदाज में ही काम कर रहे हैं। ऐसे अधिकारी नए निजाम को भी साधने में लगे हैं और पुराने का भी साथ नहीं छोड़ रहे हैं। मोबाइल पर उनके भी काम कर रहे हैं। इसे लेकर भाजपा के कई जन प्रतिनिधि नाराज चल रहे हैं। गुरुवार को जिला प्रभारी मंत्री स्वामी प्रसाद ने सांसद और विधायकों की शिकायत के बाद साफ कहा कि अफसरों ने जो कुछ किया है उनके कारनामों की बारीकी से जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट सीएम को दी जाएगी।