मुख्यमंत्री बनते ही योगी आदित्यनाथ ने स्लाटर हाउस बंद करा कर गायों को तो पशु तस्करों से बचा लिया, लेकिन अब इन्हें सड़कों पर जहां-तहां भटकने के लिए छोड़ दिया गया है। होना तो चाहिए था, इनकी देखरेख बेहतर होती, लेकिन इन्हें सड़कों पर आवारा छोड़ दिया गया है। शहर की अंदर की सड़कों से लेकर हाईवे तक पर इनका जहां-तहां कब्जा है।
अमर उजाला टीम ने शहर में आवारा जानवरों की स्थिति पर पड़ताल की तो हैरतभरी जानकारी मिली। शहर शेखूपुर रोड पर कोई छोटा-मोटा स्लाटर हाउस बना था जो अब खंडहर हो चुका है। वहीं नगर पालिका की ओर से आवारा पशुओं को पकड़ने का कोई इंतजाम नहीं हैं।