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Budaun News: पांच सीएचसी में सालभर में हुए सिर्फ 113 सिजेरियन आपरेशन

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बदायूं। जिले की पांच सीएचसी को फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) के रूप में विकसित किया गया है। उद्देश्य था कि यहां से सिजेरियन आपरेशन स्थिति में आने वाले केस को रेफर न करके सीएचसी में ही यह सुविधा दी जाए, लेकिन पिछले वित्तीय वर्ष में इन सीएचसी में सिर्फ 113 प्रसव हुए हैं।
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मातृ और शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए सरकार की ओर से तमाम योजनाएं चलाई जा रही हैं। इस पर करोड़ों रुपये खर्च किये जा रहे हैं। इसी के तहत जिले की पांच सीएचसी को एफआरयू के रूप में विकसित किया गया है। इसमें दातागंज, बिसौली, उझानी, सहसवान और बिल्सी सीएचसी शामिल हैं। मानक के अनुसार यहां पर हर माह पांच सिजेरियन प्रसव होने चाहिए, लेकिन जिले में इस मानक की स्थिति बहुत खराब है। पिछले वर्ष मार्च से इस बार अप्रैल तक पांच सीएचसी में सिर्फ 113 सिजेरियन प्रसव ही कराए गए हैं। वहीं, आंकड़े बयां कर रहे हैं कि एफआरयू में गर्भवती की स्थिति सिजर होने पर उसे जिला महिला अस्पताल रेफर किया जा रहा है।
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सहसवान में सबसे ज्यादा सिजेरियन, बिसौली में एक भी नहीं

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले वित्तीय वर्ष में उझानी सीएचसी में 27, दातागंज में एक, बिसौली ने शून्य, बिल्सी में 24, सहसवान में 42 सिजेरियन आपरेशन हुए हैं।
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सामान्य प्रसव कराने में बिल्सी सीएचसी आगे
सामान्य प्रसव कराने के मामले बिल्सी सीएचसी में 125, सहसवान में 100, दातागंज में 97, बिसौली में 97 और उझानी में 91 हुए हैं।

उझानी में सीजर करने के लिए बिल्सी से बुलाते हैं डॉक्टर
सीएचसी उझानी में गर्भवती महिलाओं के प्रसव की सुविधा तो है, लेकिन सिजर करने के लिए महिला डॉक्टर सिर्फ ऑन कॉल ही आएंगी। इसके लिए बिल्सी सीएचसी पर तैनात महिला सर्जन चारू वार्ष्णेय को बुलाया जाता है। नार्मल प्रसव तो स्टॉफ नर्स ही करा देती हैं, बृहस्पतिवार सुबह साहूकारा मोहल्ला निवासी नुमा को प्रसव के लिए लाया गया, लेकिन गंभीर स्थिति होने पर उन्होंने यहां प्रसव कराने से इनकार कर दिया। चिकित्साधीक्षक राजकुमार गंगवार का दावा है कि प्रत्येक महीना पांच- छह सीजर हो जाते हैं।


केस एक
बिल्सी तहसील क्षेत्र के गांव हरगनपुर निवासी गर्भवती सत्य देवी पत्नी राहुल कुमार बीते 11 जून को दर्द हुआ तो सीएचसी बिल्सी पहुंची। वहां उनका प्रसव नहीं हो पाया। इसपर उन्हें जिला महिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया।

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केस दो
बिल्सी नगर के मोहल्ला पांच निवासी ज्योति वाल्मीकि बीते तीन जून को सीएचसी बिल्सी में भर्ती हुई थी। स्वास्थ्य कर्मियों ने सामान्य प्रसव का प्रयास किया, सफलता न मिलने पर गर्भवती को जिला महिला अस्पताल रेफर कर दिया। रास्ते में गर्भवती की मौत हो गई।
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