कलक्ट्रेट में ज्ञापन देने पहुंचे एनएसयूआई के कार्यकर्ता। स्रोत : संगठन
शाहजहांपुर। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के कार्यकर्ताओं ने विद्यालय प्रबंधनों पर अभिभावकों को निर्धारित दुकानों से किताबें खरीदने पर विवश करने का आरोप लगाते हुए कलक्ट्रेट में डीएम को संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को दिया। स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने की मांग की।
जिलाध्यक्ष रफी उल हसन ने कहा कि जिले के कई निजी विद्यालय अभिभावकों को केवल निर्धारित दुकानों अथवा विशेष प्रकाशकों से ही महंगी पुस्तकें खरीदने के लिए बाध्य करते हैं। एनसीईआरटी की सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण पुस्तकों को जानबूझकर लागू नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यूनिफॉर्म को भी विद्यालय परिसर या उनसे जुड़े दुकानों से ही खरीदने का दबाव बनाया जाता है। उन्होंने डीएम से मांग की कि इस प्रकार की अनियमितताओं पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा दोषी विद्यालयों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
जिला उपाध्यक्ष प्रत्युष कुमार मिश्रा ने बताया कि जिले में कई स्कूलों के पास शराब की दुकानें हैं। इन्हें हटवाया जाए। उन्होंने फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र बनाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की।
स्कूल एवं कॉलेजों के आसपास तंबाकू उत्पाद बेचने का भी विरोध किया गया। इस दौरान महानगर अध्यक्ष अनुभव कटारिया, आमिल खान, सिकंदर अली, अंकित सक्सेना, शाश्वत मिश्रा, अचल गुप्ता, हर्ष गंगवार आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।