बदायूं। परिषदीय विद्यालयों की तर्ज पर अब जनपद के माध्यमिक विद्यालयों में लर्निंग आउटकम कक्षाएं चलेंगी। राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद लखनऊ से आई लर्निंग आउटकम पाठ्य सामग्री से कक्षा नौ और 10 के छात्र-छात्राओं को शिक्षक पढ़ाएंगे।
लर्निंग आउटकम का मतलब है कि बच्चों ने किसी विषय में कितना ज्ञान अर्जित किया है, उसका समय-समय पर मूल्यांकन करना। साथ ही सुनकर, पढ़कर, खेलकर, बातचीत से सीखने का तरीका बताते हैं। इस तरह सीखने में उनके व्यवहार में परिवर्तन आते हैं। अभी तक लर्निंग आउटकम बेसिक शिक्षा विभाग में ही संचालित था, लेकिन पहली बार इसे माध्यमिक शिक्षा विभाग में भी चलाए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए जनपद में लर्निंग आउटकम की लगभग 100 पुस्तकें भी जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में आ गई हैं। जिले के 39 राजकीय और 41 सहायता प्राप्त विद्यालयों में यह पुस्तक दी जाएगी।
एक पुस्तक डीआईओएस कार्यालय और पांच पुस्तकें जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान डायट में भिजवाई जानी हैं। लर्निंग आउटकम पुस्तकों से कक्षा नौ और 10 के विद्यार्थियों को अंग्रेजी, गणित व विज्ञान विषय आसानी से पढ़ाया जा सकेगा।
जिला विद्यालय निरीक्षक लालजी यादव ने बताया कि लर्निंग आउटकम की 100 पुस्तकें प्राप्त हो गई हैं। सभी प्रधानाचार्य को निर्देशित किया गया है कि वह पुस्तक को कार्यालय से मंगवाकर लर्निंग आउटकम के तहत ही नौंवी और दसवीं के बच्चों को पढ़ाएं। उन्होंने बताया कि पहली बार लर्निंग आउटकम से बच्चों को पढ़ाए जाने के निर्देश मिले हैं।