नेता जी सुभाष चंद्र बोस की प्रपौत्री
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नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रपौत्री और अखिल भारत हिंदू महासभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष राजश्री बोस चौधरी बृहस्पतिवार को बदायूं पहुंचीं। एक प्रतिनिधिमंडल के साथ उन्होंने कलक्ट्रेट में एडीएम प्रशासन ऋतु पुनिया को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में शहर के एक धर्म स्थल को आक्रांताओं की निशानी बताकर कुछ साक्ष्य भी सौंपे। कहा कि नीलकंठ महादेव मंदिर को तोड़कर यह धर्मस्थल बनाया गया है। ज्ञापन की प्रतिलिपि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भी भेजी गई है।
राजश्री बोस ने लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस में पत्रकारों से बात की। उन्होंनेे कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव में अखिल भारत हिंदू महासभा अपने दमखम पर चुनाव मैदान में उतरेगी। महासभा सनातन धर्म के प्रतीकों का सम्मान करने वाले दलों का स्वागत करती है। महासभा का उद्देश्य हिंदू राष्ट्र और सनातन धर्म की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि कानून के अनुसार नीलकंठ महादेव मंदिर पर बनाए गए धर्मस्थल को हटाया जाना चाहिए। इस मौके पर संगठन के प्रदेश संयोजक मुकेश सिंह पटेल, अरविंद परमार एडवोकेट, आकाश शर्मा, सुभम अग्रवाल, राम निवास पटेल, ब्रजपाल सिंह, प्रेम स्वरूप वैश्य, वेद प्रकाश आदि मौजूद रहे।
हिंदू महासभा की अध्यक्ष राजश्री बोस कार्यालय आईं थीं। उन्होंने एक धर्मस्थल से संबंधित ज्ञापन दिया था। इस ज्ञापन को संबंधित लोगों को भिजवा दिया है।
- ऋतु पुनिया, एडीएम प्रशासन