बिना लाइसेंस अवैध नखासा लगाने वालों पर जिला पंचायत की नजर टेढ़ी हो गई है। अवैध नखासों के संचालकों को वसूली का नोटिस जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। पिछले दिनों बिनावर थाने के गांव सेमरमई के अवैध नखासे से प्रतिबंधित पशुओं की तस्करी का भंड़ाफोड़ होने के बाद यह कार्रवाई की जा रही है।
सिविल लाइंस, बिसौली और वजीरगंज पुलिस ने पांच-छह फरवरी की रात प्रतिबंधित पशुओं से भरे 78 वाहन पकड़े थे। पशुओं को सेमरमई नखासे से रामपुर, मुरादाबाद ले जाया जा रहा था। जांच के दौरान पता लगा कि नखासा बिना लाइसेंस-अनापत्ति प्रमाण पत्र के चल रहा है। प्रशासन ने इस पर पाबंदी लगा दी। जिला पंचायत ने दो सदस्यों की कमेटी को अवैध नखासों को सूचीबद्ध करने में लगा दिया। बड़े पशु तस्करों तक पहुंचने के लिए पुलिस की भी चार टीमें लगा दी गईं। अवैध नखासों का आयोजन करने वालों से राजस्व वसूली के लिए जिला पंचायत ने नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अवैध नखासे लगाने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की बात भी कही जा रही है।
बिना लाइसेंस चलने वाले अवैध नखासों के संचालकों से वसूली के लिए नोटिस भेजे जा रहे हैं। इनके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा। बिना लाइसेंस के जिले में अवैध पशु नखासे नहीं चलने दिए जाएंगे।
-हरपाल सिंह, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत