उझानी (बदायूं)। कछला गंगाघाट किनारे झोंपड़ी में अकेली सो रही डेढ़ साल की प्रियांशी रविवार दोपहर अचानक लापता हो गई। जब दादी राममुखी झोंपड़ी में आईं तो उन्हें घटना की जानकारी हुई। उन्होंने आसपास खोजबीन की लेकिन उसका पता नहीं चला। इसके बाद उन्होंने चौकी पुलिस को सूचना दी। सोमवार को मामला कोतवाली पहुंचा तो उसकी खोजबीन शुरू की गई।
तीन भाई-बहनों में मझली प्रियांशी पुत्री योगेंद्र श्रीवास्तव उस वक्त झोंपड़ी में अकेली थी। दादी राममुखी समेत अन्य परिजन गंगाघाट पर थे। राममुखी झोंपड़ी में लौटी तो प्रियांशी वहां नजर नहीं आई। उन्होंने पड़ोसियों समेत अन्य परिजनों से पूछा तो कोई भी कुछ नहीं बता पाया। पूर्णिमा की वजह से घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़भाड़ अधिक थी।
राममुखी को लगा कि कहीं कोई उसे उठा तो नहीं ले गया। राममुखी ने कछला चौकी पर जाकर पुलिस को तहरीर दी। देर शाम तक कोई कार्रवाई नहीं होने पर परिजनों ने कोतवाली पुलिस को मामले की जानकारी दी।
मां की हो चुकी है मौत, जेल में है पिता
- लापता प्रियांशी की मां रूबी की करीब तीन महीने पहले मौत हो गई थी। उसके पिता योगेंद्र दहेज हत्या के आरोप में जेल में हैं। प्रियांशी और भाई-बहन की देखभाल उसकी दादी राममुखी करती हैं। बताते हैं कि रूबी की मौत के बाद प्रियांशी को उसके एक रिश्तेदार ने अपने साथ ले जाने की इच्छा जताई थी। पुलिस काे उसी पर शक है।
वर्जन
परिवार के लोग कुछ खास नहीं बता रहे हैं। मामला पेशबंदी का भी हो सकता है। फिलहाल, बच्ची का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। - मनोज कुमार सिंह, प्रभारी निरीक्षक