बदायूं। दातागंज कोतवाली क्षेत्र के गांव कुड़रा खरसाई में सोमवार सुबह डाक कर्मी नरसिंह यादव की मेड़ तोड़ने के विवाद में गोली मारकर हत्या कर दी गई। परिवार वालों ने तीन लोगों के खिलाफ तहरीर दी है। इसमें एक आरोपी भाजपा का दातागंज मंडल मंत्री और एक प्रधान भी है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
डाक कर्मी 45 वर्षीय नरसिंह यादव दातागंज कोतवाली क्षेत्र के गांव कुड़रा खरसाई के निवासी थे। इस समय उनकी तैनाती दातागंज के डाकघर में थी। बताते हैं कि नरसिंह यादव के परिवार की गांव के ही गजेंद्र गूजर के बीच चुनावी रंजिश चली आ रही थी। इससे दोनों परिवारों के बीच बनती नहीं थी। सोमवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे नरसिंह यादव का भाई पहलवान और भतीजा अपने ट्रैक्टर से खेत की जुताई कर रहे थे। इसी दौरान आरोपी गजेंद्र, ग्राम प्रधान महेंद्र और श्रीकृष्ण असलहे लेकर खेत पर पहुंच गए। उन्होंने अपनी मेड़ तोड़ने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया और गालीगलौज भी की। सूचना पर नरसिंह यादव भी खेत पर पहुंच गए। उन्होंने दोनों पक्षों को समझाबुझाकर अलग कर दिया। आरोपी पक्ष खेत से पहले चला आया और रास्ते में आकर खड़ा हो गया। आरोप है कि बाद में जब नरसिंह यादव पैदल खेत से लौट रहे थे तब आरोपियों ने उन्हें घेर लिया और उन पर हमला कर दिया। नरसिंह को तीन गोलियां लगीं और उनकी मौत हो गई। बाद में हमलावर भाग गए।
जानकारी पर परिवारवाले मौके पर पहुंचे और हंगामा किया। इधर, एसएसपी डॉ. ओपी सिंह, एसपी सिटी प्रवीन सिंह चौहान और सीओ प्रेम कुमार थापा भी घटनास्थल पर पहुंच गए। एसएसपी ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। नरसिंह की हत्या के आरोप में उनके बेटे अखिलेश यादव ने मुख्य आरोपी गजेंद्र, उसका भाई संजीव, पिता श्रीकृष्ण और गांव के प्रधान महेंद्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
-
कुडरा खरसाई गांव में एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या हुई है। मामला मेड़ तोड़ने का बताया जा रहा है। दोनों पक्षों के बीच पुराना मामला भी चला आ रहा है। हत्या के मामले में तीन लोगों के खिलाफ तहरीर आई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगा दी गई हैं।
-डॉ. ओपी सिंह, एसएसपी
-----------
------------
पांच माह से सुलग रही थी चिंगारी, मौका देखकर कर दी हत्या
दातागंज (बदायूं)। कोतवाली क्षेत्र के कुड़रा खरसाई गांव में सोमवार सुबह जिन हत्यारोपियों ने डाक कर्मी नरसिंह यादव की गोली मारकर हत्या की उनकी उससे पांच माह से चुनावी रंजिश चल रही थी। पंचायत चुनाव की मतगणना के बाद दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट भी हुई थी। इसमें आरोपी पक्ष के लोगों को ज्यादा चोटें आईं थीं। सोमवार को आरोपियों को मौका मिल गया और उन्होंने डाक कर्मी को मौत के घाट उतार दिया।
इस पंचायत चुनाव में डाक कर्मी नरसिंह यादव के चाचा मोर सिंह प्रधानी का चुनाव लड़े थे। नरसिंह और उनके परिवार वालों ने मोर सिंह का जीजान से चुनाव लड़ाया था। जबकि आरोपियों महेंद्र सिंह खुद प्रधानी का चुनाव लड़ा था। हालांकि कुड़रा खरसाई गांव यादव बाहुल्य है लेकिन इस पंचायत चुनाव में महेंद्र सिंह चुनाव जीत गया। इसके बाद दोनों पक्षों में तनातनी रहने लगी। पांच जून को इसी रंजिश के चलते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए थे। जमकर मारपीट हुई थी। इसमें प्रधान पक्ष के लोग ज्यादा घायल हुए थे।
सोमवार सुबह नरसिंह यादव मामला सुलझाने के लिहाज से खेत पर पहुंचे थे और आरोपियों ने इसी बात का फायदा उठाया, उनके पास पहले से असलहे मौजूद थे। उन्होंने एक-एक करके नरसिंह को तीन गोलियां मारीं। इससे नरसिंह यादव की वहीं मौके पर मौत हो गई।
-
भाजपा का मंडल मंत्री है गजेंद्र
नरसिंह हत्याकांड का मुख्य हत्यारोपी गजेंद्र गूजर भाजपा का दातागंज मंडल मंत्री है। वह एक जनप्रतिनिधि का बेहद खास है। वह जिला सहकारी संघ का संचालक भी है। इससे उसका गांव में अच्छा रुतबा है। उसके परिवार का महेंद्र सिंह ग्राम प्रधान हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव गुप्ता से बात की गई तो उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि गजेंद्र पार्टी से जुड़ा पदाधिकारी है। हालांकि कहा कि वह पूरे मामले की पार्टी स्तर से भी जानकारी कराने के बाद कुछ कह सकते हैं।
-
परिवार के जिम्मेदार सदस्य थे नरसिंह
नरसिंह यादव पांच भाइयों में सबसे बड़े थे। वह परिवार की सबसे ज्यादा जिम्मेदारी निभा रहे थे। नरसिंह यादव के दो बेटे और दो बेटियां हैं। उनमें एक बेटी शादी लायक है। नरसिंह की मौत से उनका परिवार टूट गया है।
-
आरोपियों की गिरफ्तारी को तीन टीमें गठित
कुड़रा खरसाई गांव में हुई डाक कर्मी की हत्या के मामले में एसएसपी ने आरोपियों की गिरफ्तारी को तीन टीमें गठित की हैं। इनमें एक टीम कोतवाली से लगाई गई है। एक टीम एसओजी और एक टीम सर्विलांस लगाई गई है। तीनों टीमों को आदेश दिए गए हैं कि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।
-
परिवार वाले उठाने नहीं दे रहे थे लाश, बुलाई गई कई थानों की पुलिस
डाक कर्मी की हत्या के बाद मौके पर गांव के तमाम लोग जमा हो गए थे। उनमें आरोपियों के खिलाफ बेहद गुस्सा देखने को मिल रहा था। उनमें कुछ लोग ये कहते सुने गए कि वह शव का पोस्टमार्टम नहीं कराएंगे। शव को ऐसे ही अंतिम संस्कार कर देंगे। उसके बाद आरोपियों से खुद ही बदला लेंगे। कोतवाली पुलिस ने शुरुआत में शव पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कोशिश की लेकिन माहौल बिगड़ता देखकर आसपास के कई थानों की पुलिस को बुला लिया गया। इसी वजह से एसएसपी और एसपी सिटी भी पहुंचे। उन्होंने परिवार वालों को समझाया और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया तो परिवार वाले मान गए। तब कहीं तीन घंटे बाद डाकिया के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका।
-
सपा जिलाध्यक्ष पहुंचे, आरोपियों पर कराएंगे सख्त कार्रवाई
डाक कर्मी की हत्या की सूचना पर सपा जिलाध्यक्ष प्रेमपाल सिंह यादव मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिवार वालों को ढाढ़स बंधाया और उन्हें सांत्वना देकर कहा कि वह आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कराएंगे। इस दौरान उन्होंने पुलिस अधिकारियों से भी बात की और आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की। संवाद
नरसिंह यादव फाइल फोटो। संवाद- फोटो : BADAUN