बदायूं। नए वित्तीय वर्ष में केंद्र सरकार की ओर से वीबी-जी राम जी (विकसित भारत- गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण) को लागू करने की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इस क्रम में मनरेगा की वेबसाइट को अपडेट किया जा रहा है। इसी के चलते जिले की ग्राम पंचायतों में पहले से स्वीकृत कार्यों की वर्क आईडी बंद की जा रही है। इससे ग्राम प्रधानों की परेशानी बढ़ गई है और विकास कार्य रुक गए हैं।
सरकार की ओर से मनरेगा की वेबसाइट को अपडेट किया जा रहा है। इसके तहत जो पहले से ही ऑनगोईंग कार्य हैं और जिन पर मजदूरी भुगतान की प्रक्रिया चल रही है। इन कार्यों को जियो टैगिंग के माध्यम से पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है। वर्क आईडी बंद होने के बाद से जनपद में पिछले साल के सापेक्ष अब तक 57 प्रतिशत कार्य ही पाया है।
ग्राम प्रधानों का कहना है कि वित्तीय वर्ष के अंत में तकनीकी कारणों से कई कार्य पहले से ही शुरू नहीं किए जा सके थे। अब अचानक से वर्क आईडी बंद कर देने से उन कार्यों को आगे नहीं बढ़ाया जा पा रहा है। इससे पंचायतों के साथ-साथ रोजगार सृजन पर असर पढ़ रहा है। संवाद
श्रमिकों की फीकी रहेगी होली
मनरेगा की वर्क आईडी बंद करने से श्रमिकों को मुश्किलों को सामना करना पड़ रहा है। काम न मिलने से उनकी होली भी फीकी रहेगी। प्रधानों का कहना है कि आईडी के बंद होने से श्रमिकों को काम देने की चुनौती बढ़ गई है। जिन कार्यों के लिए पहले से योजना बनाई गई थी। वह रद होने से ग्रामीणों को रोजगार मिलने से दिक्कतें हो रही हैं। कई ग्राम पंचायतों में श्रमिक काम की मांग को लेकर पंचायत भवनों पर पहुंच रहे हैं। लेकिन वर्क आईडी न होने के कारण उन्हें लौटना पड़ रहा है।
कार्ड धारकों की आईडी का किया जा रहा है ईकेवाईसी
मनरेगा कार्ड धारकों की आईडी का ईकेवाईसी किया जा रहा है। जिससे होने वाले कार्यों में पारदर्शिता बनी रही। इसके लिए गांव-गांव में रोजगार सेवक मनरेगा कार्ड धारकों की ई-केवाईसी कर रहे हैं। जनपद में 1.69 लाख वर्किंग मनरेगा कार्ड आईडी में से 51 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है। शासन की ओर से 70 प्रतिशत कार्ड धारकों की आईडी की ईकेवाईसी करने का लक्ष्य दिया गया। ईकेवाईसी के बाद जिसकी आईडी होगी, वही उस जगह पर काम कर सकेगा।
नई प्रक्रिया को लागू करने की तैयारी की जा रही है, जल्द ही नई गाइडलाइन जारी की जाएगी। इसके बाद नए कार्यों की स्वीकृति और आईडी निर्माण प्रक्रिया दोबारा शुरू की जाएगी।
अखिलेश चौबे, डीसी मनरेगा