बदायूं। जीएसटी में खामियां व्यापारियों को पहले से ही परेशान कर रही हैं। अब जीएसटी रिटर्न समय से न भरने पर सरकार ने जुर्माने की व्यवस्था कर दी है। इसके कारण व्यापारियों की समस्या और भी बढ़ सकती है। वित्तीय वर्ष 2019-20 का जीएसटीआर 9 और जीएसटीआर 9 सी रिटर्न फाइल न करने वाले व्यापारियों पर जुर्माना डाला जाएगा। रिटर्न भरने पर व्यापारियों से विलंब शुल्क भी वसूल किया जाएगा।
वित्तीय वर्ष 2019-20 के जीएसटी रिटर्न फाइल करने के लिए 31 दिसंबर 2020 अंतिम तारीख थी लेकिन कोरोना के चलते इसे दो माह के लिए बढ़ा दिया गया था। इसके बाद व्यापारियों को 28 फरवरी तक रिटर्न भरना था। 28 फरवरी तक भी काफी संख्या में व्यापारी रिटर्न नहीं भर सके। हालांकि अब सरकार ने एक बार फिर से रिटर्न भरने की तारीख बढ़ाकर 31 मार्च कर दी है। जिले में जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों की संख्या 7600 है। आंकड़ों पर गौर करें तो 25 फीसदी से ज्यादा व्यापारियों नें 28 मार्च तक रिटर्न दाखिल नहीं किया था। हालांकि, तारीख तो बढ़ा दी गई है, लेकिन इसके साथ ही रिटर्न न दाखिल करने वाले व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी भी की जा रही है। जो व्यापारी 31 मार्च तक रिटर्न दाखिल नहीं करेंगे उनसे जुर्माना तो वसूला ही जाएगा, इसके साथ ही विलंब शुल्क भी लिया जाएगा।
व्यापारियों को फायदा कम, नुकसान ज्यादा
जीएसटी से व्यापारियों को फायदा कम, नुकसान ज्यादा होता है। जीएसटी में कई ऐसे प्रावधान हैं जिनमें व्यापारी उलझे रहते हैं। व्यापारी संगठन जीएसटी में सुधार की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन सरकार ध्यान नहीं दे रही। जो व्यापारी सही ढंग से काम करते हैं उनको जीएसटी के प्रावधानों से ज्यादा परेशानी है। धंधेबाज तो कोई न कोई रास्ता तलाश ही लेते हैं। जीएसटी रिटर्न दाखिल करने की तारीख बढ़ाकर सरकार ने अच्छा किया है लेकिन जरूरत इस बात की है कि जीएसटी की जो खामियां हैं उनको दूर किया जाना चाहिए। - नितिन गुप्ता, व्यापारी
जीएसटी में कई पेच
एक ओर कुछ व्यापारी जीएसटी की पेचीदगी से परेशान हैं तो कुछ ऐसे भी शातिर धंधेबाज हैं जो खामियों का फायदा उठाकर सरकार को चूना लगाते हैं। उन्होंने इन पेचीदगी की ही बदौलत उल्टे सरकार को ही तगड़ा चूना लगा दिया है। फर्जी बिलों के जरिये कई धंधेबाज जीएसटी के इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठा रहे हैं। जीएसटी में अब भी सुधार की जरूरत है। ज्यादातर व्यापारी इसकी खामियों को लेकर परेशान हैं। जीएसटी व्यापारियों को परेशान करने का जरिया बन गया है। कोरोना काल में सरकार ने रिटर्न दाखिल करने में जो राहत दी थी अब उससे ज्यादा व्यापारियों को परेशानी होगी।- केबी रस्तोगी, कर सलाहकार
जिले में जीएसटी में पंजीकृत 7600 व्यापारी हैं। अब तक जीएसटी रिटर्न दाखिल करने की तारीख 28 फरवरी थी। काफी संख्या में व्यापारियों ने रिटर्न दाखिल नहीं किया। अब तारीख बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है। समय से जो व्यापारी रिटर्न दाखिल नहीं करेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जुर्माना वसूलने के साथ विलंब शुल्क भी देना होगा। - एएल सिंह, डिप्टी कमिश्नर वाणिज्यकर