बदायूं। नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले में अपर जिला जज व विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट नीरज कुमार गर्ग ने एक व्यक्ति को दोषी ठहराया है। दोषी को दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही उस पर 85 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है, जिसे पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में दिया जाएगा।
यह घटना 18 जनवरी 2021 को हुई थी। पीड़िता के पिता ने बताया कि उस दिन वह घर पर नहीं थे और उनकी पत्नी शौचालय गई थी। इसी दौरान सुबह दस बजे विपिन उनके घर आया और उनकी 17 वर्षीय बेटी को फुसलाकर भगा ले गया। पत्नी के लौटने पर बेटी घर पर नहीं मिली, जिसके बाद एक ग्रामीण ने उसे विपिन के साथ जाते देखा था। परिजनों ने विपिन के घर जाकर देखा तो वह भी गायब था।
बरामदगी के बाद पीड़िता ने पुलिस को बताया कि 18 जनवरी को सुबह दस बजे जब वह शौच करने घर से बाहर गई थी, तब उसे गांव में रहने वाला विपिन मिला। विपिन और उसके साथ आए दो-तीन लड़कों ने उसे जबरदस्ती गाड़ी में बैठा लिया था। विरोध करने पर उसे मारने की धमकी दी गई और रुमाल से नशा सुंघाकर बेहोश कर दिया गया। होश आने पर उसने खुद को एक बंद कमरे में पाया जहां विपिन ने उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद थाना हजरतपुर में 21 जनवरी 2021 को इस संबंध में तहरीर दी गई थी, इसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। न्यायालय में विपिन पर नाबालिग लड़की को ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप सिद्ध हुआ।
अपर जिला जज ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों और अधिवक्ताओं की दलीलों को सुनने के बाद यह फैसला सुनाया। जुर्माने की पूरी धनराशि पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में देने का आदेश भी दिया गया है।