उझानी। पांच माह पहले गांव ननाखेड़ा निवासी जीनेश कश्यप की मौत के मामले में पीड़ित परिवार ने पड़ोसी गांव के एक परिवार पर अपनी बेटी से फोन पर बातें कराकर हनी ट्रैप में फंसाने का आरोप लगाया है। आरोप है कि दोनों की गुपचुप शादी करा दी। फिर दोनों को भगा दिया। बाद में रिपोर्ट दर्ज कराकर बेटे को जेल भिजवा दिया। जेल से लौटने पर धमकाया, जिसके बाद बेटे ने आत्महत्या कर ली। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर प्रेमिका, उसकी मां समेत पांच लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना 14 मई की है। कोतवाली क्षेत्र के गांव ननाखेड़ा निवासी तोताराम उर्फ तोती का आरोप है कि पड़ोसी गांव अमीरगंज की श्रीवती पत्नी खुशीराम ने अपनी बेटी पूनम के जरिये फोन पर बता कराके उनके बेटे जीनेश कश्यप को फंसा लिया। आरोप है कि इसके बात श्रीवती के परिवार वालों ने पूनम और जीनेश की चोरी छुपे शादी करा दी। इसके बाद दोनों को भगा दिया।
तोताराम का आरोप है कि इसके बाद श्रीवती की मां ने जीनेश के खिलाफ बेटी को ले जाने का केस दर्ज करा दिया। इसमें जीनेश को जेल जाना पड़ा। आरोप है कि जीनेश जब जेल से छूटकर घर लौटा, तब भी उसे परेशान किया गया। जीनेश से 50 हजार रुपये की मांग की गई। जब उसने मना किया तो जान से मार देने की धमकी दी गई।
जीनेश ने यह बात पिता तोताराम समेत परिवार के अन्य लोगों को भी बताई थी। 15 अप्रैल को कोर्ट से तारीख कर लौटते समय आरोपियों ने जीनेश के साथ मारपीट की। आरोप है कि शिकायत के बाद भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। जीनेश 13 मई को लापता हो गया। अगले दिन जीनेश का शव सल्लन के खेत में पेड़ पर फंदे से लटका मिला था। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम तो कराया, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने अब श्रीवती, उसके पति खुशीराम, बेटे सतीश और ओमेंद्र और बेटी पूनम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। सीओ राहुल पांडेय ने बताया कि मामला पुराना है। कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई की गई है। विवेचना में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। जीनेश और पूनम की शादी से संबंधित साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।