- राहत के नाम पर अग्निकांड पीड़ितों से हुआ मजाक
- शासन ने भी राशि में 10 लाख रुपये की कटौती की
- खुले आसमान तले गुजर-बसर कर रहे सैकड़ों परिवार
आग में जिनका सब कुछ राख हो गया, उनको राहत के नाम पर हजार-दो हजार रुपये के चेक दिए जा रहे हैं। यह अग्निकांड पीड़ितों के साथ मजाक नहीं तो और क्या है। इनकी मदद को लेकर शासन भी इस बार उदासीन है। पिछले साल जिले के आपदा प्रबंधन विभाग को अग्निकांड पीड़ितों के लिए 25 लाख रुपये दिए थे, जबकि इस साल यह रकम घटाकर 15 लाख रुपये कर दी गई है। जिले में अब तक अग्निकांडों से अनुमानित 41.58 लाख की क्षति के मुकाबले 15 लाख के करीब मुआवजा बांटा गया है।
एक अप्रैल से 30 मई तक का समय बड़ा संवेदनशील होता है। इस दौरान अधिक अग्निकांड होते हैं। चालू सीजन में हुए अग्निकांडों पर नजर डालें, तो सबसे ज्यादा तबाही सदर तहसील में हुई है। दातागंज, बिसौली और सहसवान में भी भीषण अग्निकांड हुए। अग्निकांड पीड़ितों के लिए आर्थिक राहत की व्यवस्था है। आपदा प्रबंधन विभाग आकलन कराने के बाद राहत राशि बांटता है। जिन परिवारों का अग्निकांड में सब कुछ राख हो गया, राहत के नाम पर उनका मजाक बनाया जा रहा है। तहसील सदर पर ही गौर करें तो यहां 105 अग्निकांड हुए। क्षति का आकलन करीब 15 लाख रुपये किया गया, जबकि राहत राशि सिर्फ पांच लाख रुपये बांटी गई। बाकी तहसीलों में भी कमोवेश यही स्थिति है।
ये हुए बड़े अग्निकांड
तहसील सदर के कादरचौक थाने के गांव पांडेय नगला, ललुआ नगला, ललसी नगला में भीषण अग्निकांड हुए। इन गांवों में करीब 200 घर और झोपड़िया जल गए थे। तहसील सदर के ही उझानी के गांव पंखिया नगला में अग्निकांड में 110 घर राख हुए थे। दातागंज के गांव हजारा में अग्निकांड से 30 घर और गड़िया पैगंबरपुर में 70 घर जले थे। तमाम अग्निकांड पीड़ित अब भी खुले आसमान के नीचे रह रहे हैं।
तहसील सदर
कुल अग्निकांड- 105
अनुमानित क्षति- 15 लाख
मुआवजा- 5 लाख
तहसील सहसवान
कुल अग्निकांड- 7
अनुमानित क्षति- 7 लाख
मुआवजा- 1.12 लाख
तहसील बिल्सी
कुल अग्निकांड- 3
अनुमानित क्षति- 2 लाख
मुआवजा- 40 हजार
तहसील बिसौली
कुल अग्निकांड- 48
अनुमानित क्षति- 7.58 लाख
मुआवजा- 4.86 लाख
तहसील दातागंज
कुल अग्निकांड- 35
अनुमानित क्षति- 10 लाख
मुआवजा- 4 लाख
आकलन कराकर शासन की ओर से अनुमन्य राहत राशि का वितरण किया जा रहा है। अग्निकांड पीड़ितों को जो भी सुविधाएं शासन स्तर से मिलती हैं उन तक पहुंचाई जा रही हैं। कुछ मामलों में आकलन रिपोर्ट अभी तैयार नहीं हो सकी है। इस वजह से देरी हो रही है।
-आरपी यादव, एडीएम वित्त/प्रभारी अधिकारी आपदा प्रबंधन
फायर ब्रिगेड के पास सीमित संसाधन
बदायूं। अग्निकांडों में भीषण तबाही की एक वजह फायर ब्रिगेड के पास सीमित संसाधन होना भी है। जिले की पांच तहसीलों में सिर्फ सदर और सहसवान में ही फायर स्टेशन हैं। जिले के क्षेत्रफल और आबादी के लिहाज से फायर ब्रिगेड के पास संसाधनों का अभाव है।
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ये हैं संसाधन
फायर ब्रिगेड- 3
मिनी वाटर टेंकर-1
बोलेरो पंप-2
हाईडेंट-8