ऐसे पकड़ा गया लेखपाल
तय समय के अनुसार तीनों लोग बृहस्पतिवार सुबह करीब नौ बजे लेखपाल के कमरे पर पहुंचे। उन्होंने एंटी करप्शन टीम द्वारा दिए गए पांच हजार रुपये लेखपाल को दे दिए। लेखपाल ने रुपये गिनकर अपने साथ काम कर रहे व्यक्ति को दे दिए। तभी एंटी करप्शन टीम के सीओ श्याम बहादुर, इंस्पेक्टर रामलाल पांडेय अैर इंस्पेक्टर प्रवीन सानियाल दस सदस्यीय टीम के साथ मौके पर पहुंच गए।
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उन्होंने तुरंत लेखपाल और उसके साथ मौजूद व्यक्ति को पकड़ लिया। उन्हें सिविल लाइंस थाने लाकर हाथ धुलवाए गए। जहां दोनों के हाथ लाल रंग से रंग गए। लेखपाल के साथी का ज्यादा रोल नहीं था। इससे उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है। इंस्पेक्टर प्रवीन सानियाल की ओर से दी गई फर्द के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है। फिलहाल लेखपाल टीम की हिरासत में है।
डीएम-एसडीएम के आदेश भी ठुकरा चुका था
आरोपी लेखपाल केवल लक्ष्मण की जमीन की नपत ही नहीं कर रहा था बल्कि वह डीएम और एसडीएम के आदेश भी ठुकरा चुका था। उसके नपत न करने पर लक्ष्मण ने डीएम और एसडीएम से नपत कराने की गुहार लगाई थी, जिस पर दोनों अधिकारियों ने नपत कराने के अलग-अलग समय पर आदेश दिए थे। फिर भी लेखपाल ने नपत नहीं की। अधिकारियों के आदेश ठुकरा दिए। लक्ष्मण के मुताबिक लेखपाल करीब दो साल से परेशान कर रहा था।
लेखपाल का सहयोगी करता था लेन-देन का सौदा
बृहस्पतिवार सुबह लेखपाल के साथ पकड़ा गया व्यक्ति किसानों से लेन-देन का सौदा करता था। वह वजीरगंज क्षेत्र के गांव बेहटरा का रहने वाला है। इसमें मकरंदपुर के एक व्यक्ति का भी नाम सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि गंगा एक्सप्रेस-वे को जितने भी खेतों के बैनामे हुए हैं। उनमें मकरंदपुर का व्यक्ति साथ जाता था। वह किसानों से कमीशन लेता था।
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लेखपाल के संबंध में लक्ष्मण ने एक दिन पहले सूचना दी थी। लेखपाल ने उसे बृहस्पतिवार सुबह नौ बजे बुलाया था। हमारी टीम उससे पहले वजीरगंज पहुंच गई। फिर हमने लक्ष्मण को पांच हजार रुपये दिए थे। उन्होंने लेखपाल को वही रुपये दिए। उससे कहा कि वह और रुपयों का जल्दी इंतजाम कर देंगे। तभी हमने मौके पर पकड़ लिया। अब उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है।- श्याम बहादुर, सीओ एंटी करप्शन टीम