- बदायूं के युवक के फर्जी हस्ताक्षर से गाजियाबाद की कंपनी में डायरेक्टर बनाया
- बहराइच के युवक ने किया फर्जीवाड़ा, कंपनी से लाखों रुपये हड़पे
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। गाजियाबाद की कंपनी में बदायूं के युवक को उसकी फर्जी हस्ताक्षर से कागजों में डायरेक्टर बना दिया गया। यह फर्जीवाड़ा उस कंपनी के बहराइच निवासी निदेशक ने किया। फिर बदायूं के युवक के नाम पर कंपनी से लाखों रुपये निकाल लिए गए। दो साल पहले फर्जीवाड़ा खुला तो बदायूं के युवक को इसकी जानकारी हुई। अब फर्जीवाड़ा करने वाले के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
सिविल लाइंस थानाक्षेत्र के मोहल्ला जवाहरपुरी निवासी गौरव सक्सेना ने कोर्ट के आदेश पर धोखाघड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। बताया कि बहराइच निवासी अनूप श्रीवास्तव से वर्ष 2012 में उसकी मुलाकात हुई। उसने बताया था कि वह भूमि सेल्स डांडया लिमिटेड नोएडा कंपनी का निदेशक है। कंपनी में ऑफिस असिस्टेंट के पद पर नौकरी पर रखने की बात कही। वह उसकी बातों में आ गया और नौकरी करना स्वीकार कर लिया। 16 अप्रैल 2012 को उसने नोएडा में नौकरी ज्वाइंनिंग कर ली और 29 सितंबर 2012 को सैलरी न मिलने पर नौकरी छोड़कर घर चला आया।
इस बीच अनूप ने धोखाधड़ी कर उसकी फर्जी हस्ताक्षर करके उसे कंपनी का डायरेक्टर बना दिया और कंपनी का लाखों रुपये हड़प लिया। इसका खुलासा तब हुआ जब 2023 में उसके पास गाजियाबाद पुलिस वारंट लेकर आई। बताया गया कि कंपनी में डायरेक्टर पद पर रहते हुए लोगों का रुपये हड़पने के मामले में एफआईआर दर्ज है। उसने जब यह सुना तो होश उड़ गए। गौरव का कहना है कि पांच महीने में उसने किसी कागज पर हस्ताक्षर ही नहीं किए थे। अनूप द्वारा उसको फंसाया गया है। गौरव ने पहले मुकदमे में अपनी जमानत कराई और फिर मामले की छानबीन में लग गया।
अगस्त 2023 में अनूप गाजियाबाद कोर्ट में मिला। जब उससे बात की तो कहा कि बदायूं आकर बात करूंगा। सितंबर में अनूप श्रीवास्तव उसकी दुकान पर बदायूं आया। उस समय दोनों में कहासुनी हो गई। अनूप श्रीवास्तव ने उसके साथ मारपीट की। उसके साथ दो अज्ञात लोग भी थे। अब कोर्ट के आदेश पर अनूप श्रीवास्तव व दो अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट सिविल लाइंस पुलिस ने दर्ज की है।