ओरछी। फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के गांव खेड़ादास में दो जातियों के बीच संघर्ष को नई हवा तब मिली जब सपा सांसद आदित्य यादव ने बृहस्पतिवार को गांव में जाकर एक पक्ष की तरफदारी की। सांसद के काफिले को यहां काले झंडे भी दिखाए गए। अगले दिन शुक्रवार को करणी सेना गांव जा धमकी। करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने पीड़ित घायलों के परिवारों का समर्थन किया। इस तरह गांव खेड़ा दास एक बार फिर सुर्खियों में आ गया।
करणी सेना के नेतृत्व कार्यकर्ताओं ने पुलिस से कहा है कि किसी दबाव में न आकर पीड़ितों की सहायता करें। दिवाली पर कोई और तकरार न हो, इसलिए बचे हुए नामजदों को भी गिरफ्तार कर लिया जाए।
पिछले माह दो अक्तूबर को खेड़ादास गांव में जातीय संघर्ष हुआ था। गांव में हुए जातीय संघर्ष में आठ लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। थाना पुलिस ने मौके की नजाकत देखते हुए, सुमित पुत्र अवनीश की तहरीर पर दूसरे पक्ष के 42 लोगों पर मुकदमा पंजीकृत किया था और केवल नौ लोगों को गिरफ्तार किया था।
बृहस्पतिवार को समाजवादी पार्टी आरोपियों से मिली। अब दूसरे पक्ष की मदद के लिए करणी सेना के पदाधिकारी गांव पहुंच गए हैं। वे यहां घायलों से मिले तथा प्रशासन से शेष बचे आरोपियों को दीपावली से पहले गिरफ्तार करने की मांग कर डाली। ऐसा न करने पर आंदोलन तक की चेतावनी दे डाली।
करणी सेना के गांव पहुंचने पर मामला न बिगड़े इसलिए सीओ बिसौली सुनील कुमार व थानाध्यक्ष रामेंद्र सिंह भारी पुलिस बल के साथ गांव खेड़ा दास पहुंच गए। यहां बदायूं, मुरादाबाद, संभल जिले के करणी सेना के पदाधिकारियों के साथ गांव खेड़ा दास में क्षत्रिय महासभा बदायूं के पदाधिकारी भी पहुंच गए हैं।
इनमें करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष चेतेंद्र राणा, प्रदेश उपाध्यक्ष योगेंद्र राणा, संभल जिलाध्यक्ष शिवम चौहान, मुरादाबाद जिलाध्यक्ष बिट्टू ठाकुर, बदायूं जिलाध्यक्ष सुमित कुमार देवा ने पीड़ित परिवार को हर सम्भव मदद का भरोसा दिया। आखिरी सांस तक न्याय की लड़ाई लड़ने की कसम खाई।