बदायूं। आगामी त्योहारों के मद्देनजर मिलावटखोरों पर अंकुश लगाने का अभियान शुक्रवार को भी जारी रहा। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन टीम ने जिले के विभिन्न क्षेत्र में दुकानों पर छापा मारकर 14 दुकानों की जांच की। टीम ने 198 लीटर सरसों का तेल नष्ट कराते हुए आठ नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे।
सहायक आयुक्त सीएल यादव ने बताया कि भूड बिसौली स्थित निजाकत प्रतिष्ठान में सरसों तेल का नमूना लेकर मौके पर ही 198 लीटर सरसों तेल (अनुमानित मूल्य 31,680 रुपये) को नियमानुसार नष्ट कराया गया। इसी तरह सिसरका खेड़ा में एक वाहन से पान मसाला का नमूना लिया गया।
डरेला में लालाराम के प्रतिष्ठान से खोये का नमूना भरा गया। मुडिया धुरेकी में जयप्रकाश शर्मा के प्रतिष्ठान से खोया का नमूना, अटल चौराहा बिसौली बंगाली भाई का प्रतिष्ठान से पेड़े का नमूना, उघैती में पालीवाल स्वीट्स से खोये का नमूना, बरामय खेड़ा में अर्जुन किराना स्टोर से नमकीन का नमूना लिया गया।
बेहटा गुसाई बिल्सी में आलम प्रतिष्ठान से छेना मिठाई का नमूना लिया गया। सहायक आयुक्त ने बताया सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। इनकी जांच रिपोर्ट मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत कार्यवाही की जाएगी। निरीक्षण के दौरान समस्त खाद्य कारोबारियों को यह कड़े निर्देश दिए गए कि वे खाद्य पदार्थों को हमेशा ढककर रखें, दुकानों में साफ-सफाई बनाए रखें व बिना लाइसेंस खाद्य कारोबार न संचालित करें।
त्योहारों पर मिलावटखोर सक्रिय
सैदपुर। सैदपुर कस्बे के आसपास के करीब 50 गांवों में चल रहीं 15 से अधिक डेयरियों में दूध के साथ-साथ पनीर और मावा तक में मिलावट का खेल चल रहा है। जानकारों के अनुसार, कई स्थानों पर खतरनाक केमिकल मिलाकर सिंथेटिक दूध तैयार किया जा रहा है। यही नकली दूध आगे पनीर और मावा बनाने में इस्तेमाल होता है।
सरसों और रिफाइंड तेल में भारी मिलावट
उघैती। थाना क्षेत्र में भी स्थिति चिंताजनक है। त्योहार के मौसम में सरसों और रिफाइंड तेल की मांग बढ़ने से नकली तेल की बिक्री जोर पकड़ चुकी है। कस्बे और आसपास के गांवों में दुकानदार व कोल्हू संचालक बड़ी मात्रा में मिलावटी तेल बेच रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार कई दुकानों पर असली ब्रांड के नाम पर नकली तेल खुले में बेचा जा रहा है। इस नकली सरसों तेल की पहचान आम उपभोक्ता के लिए लगभग असंभव है। रंग-गंध और पैकिंग सब कुछ असली जैसा दिखाई देता है, लेकिन इसमें सस्ते और हानिकारक रासायनिक तत्व मिलाए जाते हैं। संवाद
खाद्य-पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है। पूरे जिले में इसको लेकर छापा मारी अभियान चलाया जा रहा है।- सीएल यादव, सहायक आयुक्त, एफएसडीए