इसके बाद 19 जनवरी को भी आरोपियों ने उसके परिवार वालों के साथ मारपीट की। तब भी उसने एफआईआर दर्ज कराई लेकिन कोतवाली पुलिस ने उन्हीं धाराओं में उसके परिवार वालों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कर ली।
इंस्पेक्टर ने बुलाया था थाने
आरोप है कि इसकी विवेचना के दौरान एसएसआई दिगंबर सिंह ने दूसरे पक्ष से रुपये लेकर उनका मामला खत्म कर दिया। दूसरे पक्ष की ओर से कुछ धाराएं और बढ़ा दी। उनके घर दबिश दी गई। उसके परिवार वालों का उत्पीड़न किया गया। एसएसआई, प्रभारी इंस्पेक्टर और सीओ तक ने उनकी ओर से कार्रवाई करने के एक लाख रुपये मांगे। पचास हजार रुपये वह दे भी चुके थे।
आरोप है कि एसएसआई ने सोमवार शाम श्रीपाल को बयान दर्ज करने के लिए बुलाया। वह अपनी पिकअप लेकर कोतवाली पहुंचा। पहले उसके साथ मारपीट की गई। फिर उससे 35 हजार रुपये और मांगे। इसी दौरान उसने परेशान होकर पिकअप में रखी केरोसिन निकालकर आग लगा ली। सैफई मेडिकल कॉलेज में उसका उपचार चल रहा है।