बदायूं। विशेष न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट की न्यायाधीश मिर्जा जीनत ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में शादी करने के बाद दहेज की खातिर पत्नी की मिट्टी का तेल डालकर जिंदा जलाने वाले पति को दोषी करार दिया है। उन्होंने पति को 20 साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर 12 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
एडीजीसी मदनलाल राजपूत के अनुसार थाना सिविल लाइंस क्षेत्र के गांव आमगांव निवासी रामा पत्नी वेदराम ने अपनी बेटी विमलेश की शादी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में 22 जनवरी 2019 को नन्हे पुत्र रामचंद्र निवासी मोहल्ला लोची नगला थाना कोतवाली के साथ की थी। उसकी पुत्री को ससुराल वाले कम दहेज की खातिर प्रताड़ित करते थे। दो जून को उसकी पुत्री को ससुराल वालों ने दहेज के लिए पीटा। तीन जून की शाम उसके पति नन्हे, ससुर रामचंद्र, जेठ सुरेश, देवर मुकेश, ननद उषा ने मिट्टी का तेल डालकर जला दिया। पांच जून को जिला अस्पताल बरेली में उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना के बाद चार्जशीट दाखिल की। न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य का अवलोकन किया। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलों को सुनने के बाद नन्हे को अपनी पत्नी की हत्या का दोषी पाते हुए उसे सजा सुनाई गई।