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महिला अस्पताल में तीन घंटे गुल रही बिजली, प्रसूताएं हुईं परेशान

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जिला महिला अस्पताल की ओपीडी में लगी भीड़। संवाद - फोटो : BADAUN
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बदायूं। जिला और जिला महिला अस्पताल में व्यवस्थाएं लगातार बेपटरी हो रही हैं। दोनों ही अस्पतालों में बिजली कटौती की समस्या दूर नहीं हो रही। सोमवार रात जिला महिला अस्पताल में लगातार तीन घंटे तक बिजली गुल रही। इस कारण यहां भर्ती प्रसूताओं को समस्याओं का सामना करना पड़ा। रात में जनरेटर भी नहीं चलाया गया। इधर, मंगलवार सुबह महिला अस्पताल की ओपीडी में डॉक्टरों के देरी से पहुंचने के कारण महिलाओं और बच्चों को समस्या हुई।
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जिला अस्पताल में अक्सर बिजली गुल हो जाती है। यहां आरक्षित बिजली उपकेंद्र और 33 केवीए की अलग से लाइन होने के बाद भी कटौती होती है। लगभग रोजाना सुबह के वक्त कटौती होती है। इस कारण एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन विभागों में काम प्रभावित होता है। महिला अस्पताल में भी इन दिनों अंधाधुंध कटौती हो रही है।
सोमवार रात करीब आठ बजे यहां बिजली गुल हो गई इसके बाद रात 11 बजे के बाद सप्लाई चालू हो सकी। गौर करने की बात यह है कि इस दौरान यहां जनरेटर भी नहीं चलाया गया। उमस और गर्मी के कारण यहां भर्ती प्रसूताओं को समस्याओं का सामना करना पड़ा।
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दूसरी ओर मंगलवार सुबह ओपीडी में साढ़े दस बजे तक डॉक्टर नहीं पहुंचे। यहां डॉक्टरों के कक्षों के बाहर लंबी कतारें लग गईं। ओपीडी में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप वार्ष्णेय के न होने के कारण डॉ. कुमार वासु के कक्ष के बाहर कतार लगी रहीं। स्त्री रोग विशेषज्ञ के नाम पर करीब 11 बजे डॉ. आकांक्षा और डॉ. नाजिया अख्तर पहुंचीं। सोमवार को मरींजों और तीमारदारों को ओपीडी में डॉक्टरों का लंबा इंतजार करना पड़ा।
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नवजात की जान पर बनी थी, अब तक सबक नहीं लिया
जिला महिला अस्पताल में फरवरी में नवजात की जान पर बन आई थी। दरअसल, यहां लंबी बिजली कटौती के कारण एसएनसीयू में ऑक्सीजन की सप्लाई बंद हो गई थी। जनरेटर भी नहीं चलाया गया। लगातार कई घंटे की बिजली कटौती के कारण एसएनसीयू में वार्मर बंद हो गए थे। एसएनसीयू में गंभीर नवजात को रखा जाता है। यहां भर्ती करने के दौरान नवजात को मेडिकल ऑक्सीजन दी जाती है। सभी वार्डों में अक्सीजन पाइप लाइन के जरिये पहुंचाई जाती है। फरवरी में हुई इस घटना के बाद भी अब तक जिला महिला अस्पताल प्रशासन ने सबक नहीं लिया है।
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जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. रेखा रानी का ट्रांसफर हो चुका है। उनके स्थान पर अभी नई सीएमएस ने चार्ज नहीं लिया है। जिला और जिला महिला अस्पताल में बिजली कटौती के कारण समस्या न हो इसके लिए उच्च अधिकारियों को लिखा जा रहा है। पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों को भी लिखा गया है।
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- डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय, सीएमओ
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