बदायूं। ओमिक्रॉन के बढ़ते खतरे के बीच विदेश से हवाई सफर करके आए बदायूं वालों की ट्रेसिंग तेज कर दी गई है। दूसरे देशों से हाल ही में 96 लोग जिले में आए हैं, जबकि सात लोग फिलहाल दूसरे जिलों में हैं। 103 में 15 लोग अब भी ऐसे है जिनकी स्वास्थ्य विभाग को तलाश है। सूत्रों का कहना है कि इनमें से कुछ के मोबाइल नंबर दर्ज नहीं हैं तो कुछ ने अपने बंद कर लिए हैं।
प्रदेश में ओमिक्रॉन का खतरा बढ़ता जा रहा है। ऐसे में शासन की ओर से रात्रि कर्फ्यू लगाया गया है ताकि कोरोना के नए वैरिएंट को फैलने से रोका जा सके। विदेश से आने वाले यात्रियों का अनिवार्य रूप से आरटीपीसीआर टेस्ट कराने के निर्देश दिए गए हैं। विदेश से आने वाले लोगों पर जिला स्तरीय टीमें निगाह बनाए हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार दिसंबर में जिले के 103 लोग विभिन्न देशों से रवाना हुए। इनमें से 96 लोग जिले में पहुंच भी गए। सात लोग दूसरे जिलों में हैं। 15 लोग अब भी ऐसे हैं, जिनके बार में स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन को जानकारी नहीं है। ट्रेसिंग नहीं होने से इन लोगों के अब तक सैंपल भी नहीं लिए जा सके हैं। इन लोगों का जानकारी की जा रही है। (संवाद)
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जिले में आने के एक सप्ताह के अंदर करानी होती है जांच
जो लोग विदेश से जिले में पहुंच रहे हैं। उन लोगों को जिले में पहुंचने के एक सप्ताह के अंदर अपनी आरटीपीसीआर जांच कराने के निर्देश है। यह जांच आरआरटी (रैपिड रेस्पांस टीम) करती है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में 106 आरआरटी लगी हुई हैं।
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इन देशों से आए हैं लोग
-रियाद, आस्ट्रेलिया, कतर, दुबई, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब
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जिले में विदेश से लोग आ रहे हैं, टीमें लगातार उनकी मॉनिटरिंग कर रहीं हैं। शनिवार को भी 10 लोग आए हैं। उनमें से नौ लोगों से बात टीम की हो गई है। इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दे दी है। अब आरआरटी (रैपिड रेस्पांस टीम) घर जाकर इनका सैंपल लेगी फिर जांच कराएगी। जो लोग नहीं मिल रहे हैं उनको ट्रेस कराया जा रहा है।
-चंदशेखर शर्मा, कोविड कंट्रोल रूम प्रभारी