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एनएचएम संविदा कर्मचारियों की हड़ताल से टीकाकरण प्रभावित

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बदायूं में सीएमओ ऑफिस पर धरना देते एनएचएम संविदा कर्मी। - फोटो : BADAUN
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बदायूं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारी सात सूत्री मांगों को लेकर बुधवार को तीसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। मांगों के समर्थन में कर्मचारियों ने सीएमओ कार्यालय के बाहर धरना दिया। हड़ताल के तीसरे दिन चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं के साथ टीकाकरण पर भी असर दिखा। इधर, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी हड़ताल खत्म कराने के लिए प्रयासों में जुट गए हैं। बुधवार को हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने सीएमओ कार्यालय के बाहर हंगामा भी किया।
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उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ जिलाध्यक्ष कृष्णबल्लभ चतुर्वेदी, जिला महासचिव डॉ. प्रभाकर मिश्रा, जिला महामंत्री अशोक माथुर ने धरना पर बैठे हड़ताली कर्मचारियों से कहा कि जब तक संघ की सात सूत्री मांगों को पूरा नहीं किया जाता तब तक हड़ताल जारी रहेगी। चेतावनी दी कि अगर मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया तो आपात सेवाओं को भी बंद कर दिया जा एगा। धरना प्रदर्शन के दौरान महिला कर्मचारियों ने विरोध में थालियां भी बजाईं। इधर, बुधवार को सीएमओ डॉ. विक्रम सिंह पुंडीर, नोडल अधिकारी टीकाकरण डॉ. असलम ने हड़ताली कर्मचारियों से वार्ता की। उनसे काम पर लौटने की अपील के साथ टीकाकरण की महत्वता के बारे में भी बताया, लेकिन कर्मचारी काम पर लौटने को तैयार नहीं हुए। इस मौके उवैस अली, एसपी सिंह, डॉ. नीरेश, डॉ. रंजन, नाजिम, उदय प्रताप सिंह, नवेद अहमद, गौरव यादव, प्रीति राय, प्रगति सक्सेना, टीनू शर्मा आदि रहे।
जिले में एनएचएम के 1500 संविदा कर्मी
जिले में एनएचएम के तहत कुल 1500 संविदा कर्मचारी हैं। इनकी तैनाती जिला, जिला महिला अस्पताल, राजकीय मेडिकल कॉलेज के साथ जिले के सीएचसी और पीएचसी पर है। उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के आह्वान पर कर्मचारियों ने सोमवार से हड़ताल शुरू की थी। पहले और दूसरे दिन हड़ताल का खास असर नहीं दिखा, लेकिन बुधवार को तीसरे दिन हड़ताल का असर सीएचसी-पीएचसी से लेकर जिला और जिला महिला अस्पताल पर भी दिखने लगा। हालांकि, मेडिकल कॉलेज में ठेका प्रथा के तहत कर्मचारियों की संख्या ज्यादा है। ऐसे में यहां तीसरे दिन भी हड़ताल का खास असर नहीं दिखा।
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हड़ताल से सुस्त हो गई कोरोना टीकाकरण की रफ्तार
एनएचएम संविदा कर्मचारियों की हड़ताल से कोरोना टीकाकरण की रफ्तार सुस्त हो गई है। गौर करने वाली बात यह है कि रविवार को जिले में कुल 23 हजार लोगों को कोरोना का टीका लगाया गया था। सोमवार से संविदा कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। इसके साथ टीकाकरण की रफ्तार कम होने लगी। बुधवार को जिले में सिर्फ नौ हजार तीन सौ लोगों को ही टीका लगाया जा सका। टीकाकरण की सुस्त होती रफ्तार के मद्देनजर बुधवार को स्वास्थ्य विभाग ने बृहस्पतिवार के लिए अलग से तैयारी की है। बृहस्पतिवार को जिले में 300 टीकाकरण केंद्रों पर स्वास्थ्य विभाग के नियमित कर्मचारियों के साथ ही सरकारी अस्पतालों में प्रशिक्षण ले रहे पैरामेडिकल स्टाफ को लगाया जाएगा।
चिकित्सा अधीक्षक को सौंपा ज्ञापन
बिसौली। एनएचएम संविदा कर्मचारियों ने हड़ताल के तीसरे दिन चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रोहित कुमार को सात सूत्री ज्ञापन दिया। मागों के समर्थन में कर्मचारियों ने तीसरे दिन सीएचसी परिसर में धरना दिया। कर्मचारी विनियमितीकरण, वेतन पॉलिसी, विसंगति, सातवां वेतन आयोग, गैर जनपद स्थानानंतरण, आउटसोर्स नीति, बीमा पॉलिसी और आशा वर्कर्स को नियमित करने की मांग कर रहे हैं। ज्ञापन देने वालों में कौशल शर्मा, सत्यपाल सिंह, विनीता पाल, लखन शर्मा, डॉ. संजय यादव, विजय लक्ष्मी यादव, आशा कुमारी, सीमा रानी, पल्लवी, बृजेश यादव, अशरफ खान, रुचि, कृष्णाकांत रहे।
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