बदायूं। पिछले कई दिन से मौसम में उतार-चढ़ाव के बीच बीमारियों का प्रकोप बढ़ने लगा है। जिला अस्पताल समेत निजी अस्पतालों में भी रोगियों की लाइन लग रही हैं। खांसी-चुकाम, बुखार और आंखों में तकलीफ संबंधी ज्यादा रोगी पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी से लेकर अस्पताल में भर्ती मरीजों को भी सही इलाज नहीं मिल पा रहा है। दरअसल, अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टर ही नहीं हैं। डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में सावधानी बरतकर बीमारी से बचा जा सकता है।
सोमवार को अधिकतम तापमान 27 और न्यूनतम 13 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। सुबह और शाम के वक्त हवाओं के कारण तापमान दिन के मुकाबले कम रहा। हालांकि, दिन में धूप भी खिली और आसमान साफ रहा। सुबह और शाम को वातावरण में बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण धुंध छाई रही। सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में डॉक्टरों के इंतजार में रोगियों की लाइन लगी रही। अस्पताल में फिजीशियन, सर्जन, कार्जियोलॉजिस्ट, पैथोलॉजिस्ट चेस्ट रोग विशेषज्ञ आदि डॉक्टर नहीं हैं। बाल रोग विशेषज्ञ के नाम पर डॉ. कप्तान सिंह हैं, वह भी पिछले दिनों हादसे में घायल हो गए थे।
बदलते मौसम में बीमारियों के बढ़ते प्रकोप के बीच सिर्फ ओपीडी में यह हाल नहीं है बल्कि अस्पताल में भर्ती मरीजों को भी सही इलाज नहीं मिल पा रहा है। इन दिनों सीएमएस डॉ. विजय बहादुर राम को खुद भर्ती मरीजों को देखना हो रहा है। उनका कहना है कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को लेकर कई बार उच्च स्तर पर लिखा जा चुका है, लेकिन डॉक्टरों की तैनाती नहीं हो पा रही। इस कारण मरीजों को समस्या हो रही है। सीमित संसाधनों में रोगियों के इलाज का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। इधर, मौसम विशेषज्ञ डॉ. आलोक सागर गौतम का कहना है कि वायुमंडल में नमी बढ़ रही है। दिसंबर के पहले सप्ताह तक तापमान में काफी गिरावट आएगी। इस बार शीतलहर पहले दस्तक दे सकती है।
मार्निंग और ईवनिंग वॉक करें संभलकर
- इन दिनों मौसम में तेजी से बदलाव हो रहा है। बदलता मौसम सेहत के लिए बेहद हानिकारक है। वायु की गुणवत्ता खराब होने के कारण सांस के रोगियों के सामने ज्यादा समस्या हो सकती है। धुंध और कम तापमान के समय मॉर्निंग वॉक के लिए निकलते समय भी सावधानी की जरूरत है। बच्चों और बुजुर्गों के साथ अस्वस्थ लोगों के लिए ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है।-डॉ. विजय बहादुर राम, सीएमएस जिला अस्पताल
सर्दी में आंखों का रखें खास ख्याल
आंखें काफी नाजुक होती हैं। बदलते मौसम में नाखों में एलर्जिक समस्याओं का खतरा रहता है। बढ़ते प्रदूषण में आंखों में दर्द, लालिमा आना, पानी निकलना, आंखों में खुजली होना आदि समस्याएं हो सकती हैं। कई बार धुंधलापन भी आने लगता है। इसके लिए जरूरी है कि आंखों को ठंडे पानी से धोते रहें। धूल, धुआं और धूप में निकलते वक्त चश्मे का इस्तेमाल जरूर करें। अगर समस्या ज्यादा होती है तो विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह लें। - डॉ. पीयूष मोहन, नेत्र रोग विशेषज्ञ