मच्छरों का लार्वा नष्ट करते मलेरिया विभाग के कर्मचारी। संवाद
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बदायूं। जिले में बुधवार को भी अलग-अलग स्थानों पर मलेरिया के 35 नए रोगी मिले हैं। इनमें पांच लोगों को जानलेवा फैल्सीपेरम मलेरिया की पुष्टि हुई है। बुधवार को जिले में 25 स्थानों पर हेल्थ कैंप लगाकर 1811 लोगों की जांच की गई। जगत के जगुआसई में दो, सालरपुर ब्लॉक में दो लोगों को फैल्सीपेरम मलेरिया की पुष्टि हुई है। एक अन्य रोगी भी मिला है। बुधवार को जिले में 72 स्थानों पर मच्छरों का लार्वा भी नष्ट किया गया।
मच्छरजनित बीमारियों के सीजन में लगातार लोगों को मलेरिया के साथ फैल्सीपेरम मलेरिया गिरफ्त में ले रहा है। सालारपुर और जगत में स्थिति ज्यादा खराब है। मलेरिया के लिहाज से जिले में सालारपुर, जगत, दातागंज और समसेर ब्लॉक हाई रिस्क श्रेणी में आते हैं। इन ब्लॉकों के गांवों में मलेरिया का सीजन शुरू होने से पहले ही मलेरिया और स्वास्थ्य विभाग काफी काम कर रहा था। मच्छरदानियों के वितरण के साथ ही मच्छरनाशक दवाओं का छिड़काव भी करा रहा था। इसके बावजूद मलेरिया का सीजन शुरू होने के साथ इन ब्लॉक के गांवों में मलेरिया का प्रकोप बढ़ने लगा है। प्रभावित गांवों में लगातार मलेरिया के रोगी मिल रहे हैं। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग जिले में अब तक बुखार से कोई मौत न होने का दावा कर रहा है।
इधर, जिले में दो सौ से ज्यादा गांवों में वायरल फीवर के साथ मलेरिया के रोगी बढ़ते जा रहे हं।
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फैक्ट फाइल
15 सितंबर 2021
कुल जांच- 1811
हेल्थ कैंप- 25
मलेरिया के कुल रोगी- 35
पीवी मलेरिया- 30
फैल्सीपेमर-05
डीडीटी छिड़काव-95 गांव
लार्वा मिला- 72 स्थान
सक्रिय रोगियों की संख्या- 275
सक्रिय फैल्सीपेरम-08
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जिले भर में कैंप लगाकर लोगों की जांच कराने के साथ दवाओं का वितरण किया जा रहा है। बुधवार को 25 स्थानों पर कैंप लगाए गए। इस दौरान मलेरिया के 35 रोगी मिले हैं। इनमें पांच रोगियों को फैल्सीपेरम की पुष्टि हुई है। अब तक जिले में मलेरिया या फिर बुखार से कोई मौत नहीं हुई है।
-डॉ. विक्रम सिंह पुंडीर, सीएमओ