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गर्भवती को एक निजी अस्पताल ले गई आशा, प्रसव के बाद मौत

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इस्लामनगर। तमाम आशा वर्कर कमीश के चक्कर में गर्भवती महिलाओं को प्राइवेट अस्पतालों में ले जाकर प्रसव कराती हैं। इस्लामनगर की आशा वर्कर गर्भवती कुसुम के एक ऐसे प्राइवेट अस्पताल में ले जाकर भर्ती करा दिया जहां न प्रशिक्षित डॉक्टर है और न ही संसाधन। वहां ऑपरेशन से प्रसव होने के बाद प्रसूता की मौत हो गई। मृतका के पति उमेश की ओर से अस्पताल संचालक डॉ. तनवीर खां, आशा वर्कर स्नेहलता और अस्पताल स्टाफ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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इस्लामनगर के गांव बालपुर निवासी उमेश की पत्नी कुसुम को शुक्रवार शाम प्रसव पीड़ा हुई। उमेश ने इसकी सूचना रफातपुर निवासी आशा वर्कर स्नेहलता को दी। आरोप है कि आशा वर्कर स्नेहलता ने सरकारी अस्पताल ले जाने के बजाय कुसुम को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी। उमेश का कहना है कि वह कुसुम को चंदौसी स्थित एक निजी अस्पताल ले जाना चाहता था। आशा वर्कर दबाव बनाकर इस्लामनगर कस्बा स्थित आला आई केयर नाम के एक निजी अस्पताल ले गई और कुसुम को भर्ती करा दिया।
उमेश के मुताबिक शनिवार को डॉ. तनवीर खां ने ऑपरेशन किया। कुसुम ने ऑपरेशन से बेटे को जन्म दिया। मगर इसके बाद कुसुम की तबियत बिगड़ गई। उमेश का आरोप है कि उनसे डॉक्टर ने 45 हजार रुपये जमा करा लिए। उन्होंने कुसुम को चंदौसी ले जाने के लिए कहा तो डॉक्टर ने छुट्टी नहीं दी और खून चढ़ाने की जरूरत बताई। इसके बाद उमेश व उनके पिता चंद्रभान खून लेने के लिए चंदौसी ब्लड बैंक चले गए।
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उमेश के मुताबिक वह खून लेकर चंदौसी से लौटे तो कुसुम अस्पताल में नहीं थी। उनके पूछने पर डॉक्टर ने बताया कि कुसुम को घर भेज दिया है। अब उसकी तबियत में सुधार है। उमेश के मुताबिक वह अपने घर पहुंचे तो कुसुम का शव मिला। आरोप है कि डॉक्टर ने कुसुम को गंभीर हालत में एंबुलेंस में कुसुम को घर भिजवा दिया था। इलाज के अभाव में कुसुम की मौत हो गई। उमेश की तहरीर पर पुलिस ने डॉ. तनवीर खां, आशा वर्कर स्नेहलता और अस्पताल स्टाफ के खिलाफ गैरइरादतन हत्या की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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