उझानी। रामलीला महोत्सव में चल रहे दंगल के दूसरे दिन पहलवानों के बीच कई रोचक मुकाबले देखने को मिले। पहलवानों ने अपने दांवपेच से जीत हासिल कर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन कराया। अयोध्या के हरिदास पहलवान ने हरियाणा के बंटी पहलवान को पछाड़ दिया। दोनों के बीच कुश्ती करीब 10 मिनट तक चली। ये पहलवान बृहस्पतिवार को जिला केसरी खिताब के लिए होने वाले मुकाबले में अपना दम दिखाएंगे।
एमजीपी कॉलेज के मैदान पर कुश्तियां बुधवार दोपहर करीब दो बजे शुरू हुईं। जिला केसरी के फाइनल मुकाबले से पहले बदायूं जिले के कई पहलवानों ने पूरे दमखम से कुश्ती के दांवपेच दिखाए। गूरा नगरिया के मोहित पहलवान ने शेखूपुर के बसीम का हरा दिया। कछला के आजिम ने नवीगंज के अतले पहलवान को हराया।
कछला के आरिफ और अहीरटोला मोहल्ले के विशाल पहलवान के बीच भी मुकाबला रोमांच से सराबोर रहा। आरिफ ने जीत हासिल की। उझानी के जुबैर ने ने नन्हे, दातागंज के जगदीश ने कछला के सुरेंद्र को हरा दिया। ये पहलवान बृहस्पतिवार को जिला केसरी खिताब के लिए होने वाले मुकाबले में अपना दम दिखाएंगे।
इनामी कुश्तियों में अयोध्या के हरिदास पहलवान और हरियाणा के बंटी पहलवान के बीच मुकाबला जोरदार रहा। करीब 10 मिनट तक चले दोनों के बीच मुकाबले में हरिदास विजयी रहे, लेकिन बंटी ने भी अपने दांवपेच से दर्शकों का मन मोह लिया। इससे पहले भाजपा नेता किशनचंद्र शर्मा और दुष्यंत शर्मा ने पहलवानों के आपस में हाथ मिलवा कर कुश्ती शुरू कराई। रेफरी राजेंद्र यादव ने पहलवानों का मार्गदर्शन किया। इस मौके पर दंगल संयोजक हरवंश पहलवान, कोच सत्यनारायण शर्मा, योगेश प्रताप सिंह, अंकुर वार्ष्णेय, राहुल वार्ष्णेय, डॉ. रिजवान अहमद आदि मौजूद थे।
कादरचौक में आखिरी दिन देर रात तक हुए मुकाबले
कादरचौक। रामलीला मेले में आयोजित तीन दिवसीय दंगल के अंतिम दिन बुधवार शाम चार बजे से शुरू हुआ कुश्तियों का दौर देर रात तक चलता रहा। दंगल केसरी का खिताब जीतने के लिए पहलवानों ने दमखम दिखाया।
दंगल में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान के लिए चार चक्रों में कुश्तियां हुईं। शाम छह बजे तक पहले चक्र के मुकाबले हुए, जो बेहद रोचक रहे। दिन के मुकाबलों में राहुल पसई ने छोटे लाल ललुआनगला को हराया, राजाबाबू कुढ़ा शाहपुर ने परवेज गूढ़नी को और जितेंद्र सिकंदरपुर ने परवेज कलाकंद को शिकस्त दी। राजेश गूढ़नी बनाम राहुल जगमोहन नगला और सर्वेश परवीननगला बनाम जन्नू कुढ़ा शाहपुर के मुकाबले बराबरी पर छूटे। रेफरी की भूमिका राकेश फौजी और राजेंद्र पहलवान ने निभाई। निर्णायक मंडल में दंगल इंचार्ज श्याम सुंदर उपाध्याय, महंत ऋषि दास, दिनेश चंद्र गुप्ता, राजीव मिश्रा आदि रहे। संवाद
कादरचौक में एक दूसरे को पटखनी देते पहलवान । संवाद