फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब शस्त्र लाइसेंस लेने को देना होगा टेस्ट

Wed, 25 Feb 2015 07:55 PM IST
बदायूं।
विज्ञापन
विज्ञापन
उच्च न्यायालय लखनऊ खंडपीठ के आदेश पर जिला मजिस्ट्रेट शंभूनाथ ने शस्त्र लाइसेंस लेने में फर्जीवाड़े को रोकने के लिए आवेदकों को शस्त्र चलाने के टेस्ट का नियम रखा है। नया शस्त्र लाइसेंस निर्गत किए जाने से पूर्व अथवा नवीनीकरण के समय फिंगर प्रिंट भी लिए जाएंगे। आधार नंबर एवं नोड्यूज का प्रमाण-पत्र भी देना होगा। आर्थिक स्थिति के भी प्रमाण पत्र लिए जाएंगे। साथ ही कारतूसों के दुरुपयोग रोकने को बनाए नियमों में है कि कारतूस लेने से पहले 80 प्रतिशत खोखे शस्त्र व्यवसायी के पास जमा करने पड़ेंगे।
विज्ञापन


पुलिस को भी बनाया जिम्मेदार
एसएसपी, एसपी सिटी एवं ग्रामीण, समस्त क्षेत्राधिकारी, प्रभारी निरीक्षक एवं थानाध्यक्षों को जिला मजिस्ट्रेट ने निर्देश दिए हैं कि नए शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन करने वालों की जांच के समय शस्त्र चलाने का टेस्ट लिया जाए। खर्च होने वाले कारतूस का व्यय आवेदक द्वारा वहन किया जाएगा। इसमें राइफल क्लब का सहयोग लिया जाएगा। टेस्ट नवीनीकरण में भी होगा। नया शस्त्र लेने अथवा नवीनीकरण से पूर्व लाइसेंसियों के फिंगर प्रिंट भी लिए जाएंगे। आधार नंबर अनिवार्य होगा। 65 वर्ष से अधिक आयु के लाइसेंस धारियों को पूर्व में निर्गत शस्त्र लाइसेंसों के नवीनीकरण के समय सीएमओ का स्वास्थ्य प्रमाण पत्र अनिवार्य होगा। यदि कोई लाइसेंस मिलने के छह माह में शस्त्र क्रय नहीं करता है तो उसका लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा।
 
लाइसेंस आवेदक को राजस्व विभाग में अदेयता (नोड्यूज) प्रमाण पत्र देने के साथ ही आधार नंबर भी उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। राजस्व विभाग द्वारा आवेदक की आर्थिक स्थिति का भी आकलन किया जाएगा और प्रमाण-पत्र देने होंगे। 25 कारतूस से अधिक की आवश्यकता होती है तो जिला मजिस्ट्रेट के माध्यम से शासन का अनुमोदन प्राप्त होने के बाद ही निर्धारित सीमा को बढ़ाया जाएगा। शस्त्र विक्रेता द्वारा बेंचे गए शस्त्रों एवं कारतूसों के बिक्री का विवरण तथा लाइसेंसियों से लिए गए खोखों की संख्या डीएम कार्यालय में उपलब्ध करानी होगी।
विज्ञापन


दूसरे लाइसेंस पर मंडलायुक्त को आवेदन
द्वितीय लाइसेंस दिए जाने के संबंध में मंडलायुक्त की अध्यक्षता में गठित समिति की सहमति के उपरान्त ही लाइसेंस देने पर विचार किया जाएगा। तीसरा लाइसेंस प्राप्त करने को मंडलायुक्त की अध्यक्षता में गठित समिति के माध्यम से उत्तर प्रदेश शासन के गृह सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति विचार करेगी।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें